इंवर्टर बैटरी में पानी भरने की प्रक्रिया- क्या करें और क्या न करें

इंवर्टर बैटरी का सही से प्रयोग करने के लिए उसमें पानी के स्तर को सही से रखना चाहिए। जिस से यह सही से प्रयोग किया जा सकता है।

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आज के समय में इलेक्ट्रिक ग्रिड की निर्भरता को कम करने एवं बिजली की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए इंवर्टर बैटरी का प्रयोग किया जाता है, इंवर्टर बैटरी को रखरखाव की आवश्यकता होती है, जिस से यह अपनी क्षमता के अनुसार कार्य कर सकती है। इंवर्टर बैटरी में पानी भरने से संबंधित जानकारी इस लेख के माध्यम से हम आपको प्रदान करेंगे। इंवर्टर बैटरी का प्रयोग करने से पहले आपको इस जानकारी का होना आवश्यक होता है, जिससे आप बैटरी में सही मात्रा में पानी भर सकते हैं।

इंवर्टर बैटरी में पानी भरने की प्रक्रिया- क्या करें और क्या न करें
इंवर्टर बैटरी में पानी भरने की प्रक्रिया

इंवर्टर बैटरी में सही मात्रा में पानी भरने से वह अपनी लाइफ-साइकिल के अनुसार कार्य कर सकती है। बैटरी में पानी डालने का क्या कारण होता है, किस प्रकार का पानी बैटरी में भरा जाता है, कितना पानी बैटरी में भरा जाता है, ऐसे ही सवालों की पूरी जानकारी इस लेख में दी गई है।

इंवर्टर बैटरी में पानी क्यों भरा जाता है?

इंवर्टर के द्वारा DC को AC में परिवर्तित करने का कार्य किया जाता है, बैटरी में DC रूप में बिजली को संग्रहीत कर के रखा जाता है। जिसके अंदर रासायनिक अभिक्रियाएं होती है। इन रासायनिक अभिक्रियाओं में बिना किसी प्रकार की परेशानी के अधिकतम क्षमता पर कार्य किया जाता है। इन अभिक्रियाओं में एसिड का प्रयोग किया जाता है, जिसकी सांद्रित होने की दर समय के साथ कम होते रहती है। जिस कारण से बैटरी के अंदर पानी की कमी होती है। एवं पानी एवं एसिड के मध्य संतुलन स्थापित नहीं होता है। और इंवर्टर का आउटपुट स्तर कम हो जाता है।

इंवर्टर के भीतर एसिड के रूप में सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4) का प्रयोग किया जाता है।1 जिसके साथ संतुलन स्थापित करने के लिए पानी के स्तर तो अधिक रखा जाता है। जिस से एसिड को पर्याप्त रूप से पतला रखा जा सकता है। ऐसा करने से इसकी दक्षता कम नहीं होती है।

इंवर्टर बैटरी में कौन सा पानी भरा जाता है?

इंवर्टर बैटरी में किसी भी प्रकार का सामान्य पानी नहीं भरना चाहिए, ऐसे में यह कार्य तो करेगा लेकिन आंतरिक रूप से बहुत जल्दी ही खराब हो सकता है। इंवेटर बैटरी में केवक आसुत जल (Distilled Water) को ही भरना चाहिए। आसुत जल को पानी का सबसे शुद्ध रूप (H2O) कहा जाता है। इस पानी में किसी भी प्रकार के कोई आयन नहीं होते हैं। इस प्रकार के पानी का प्रयोग विज्ञान एवं अद्योगिक के क्षेत्र में अनेक कार्यों के लिए किया जाता है। यह आसानी से बाजारों में उपलब्ध हो जाता है, इसका निर्माण स्वयं भी किया जा सकता है, लेकिन यह अधिक समय की प्रक्रिया होती है।

इन्वर्टर बैटरी के लिए आसुत जल का प्रयोग क्यों करें?

पीने वाले पानी में आयन और खनिज होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन यदि पीने वाले पानी का प्रयोग इंवर्टर बैटरी में किया जाए तो इसमें उपस्थित आयन इलेक्ट्रोड को रोकते हैं और एक लेयर बीच में बन जाती है, जिससे करंट का उत्पादन करने वाली रासायनिक अभिक्रिया रुक जाती है। और बैटरी के खराब होने की संभावनाएं अधिक होती है। आसुत जल में किसी प्रकार के आयन नहीं होते हैं, इसलिए ही इसका प्रयोग बैटरी में किया जाना चाहिए, जिससे रासायनिक प्रक्रिया होते रहती है तो करंट भी सही प्रकार से जनरेट होते रहती है। अतः इंवर्टर बैटरी में सिर्फ आसुत जल का ही प्रयोग करना चाहिए।

इंवर्टर बैटरी में कब और कितना पानी भरना चाहिए?

सामान्यतः इंवर्टर बैटरी में पानी भरने के लिए इन्डिकेटर/संकेतक बने होते हैं, यदि इंवर्टर बैटरी में पानी हरे रंग पर है तो अभी उसमें पर्याप्त पानी है। यह इसके सही स्तर तक भरा हुआ है। यदि इन्डिकेटर में लाल रंग पर पानी है, तो इसमें कम पानी बचा हुआ है, इसमें पानी भरने की आवश्यकता होती है। पानी का स्तर हमेशा लाल रंग के ऊपर एवं हरे रंग के नीचे होना चाहिए।

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लाल रंग के नीचे होने पर बैटरी में पानी का अभाव होता है, जिसे समय रहते भर देना चाहिए, जिस से बैटरी सही ढंग से कार्य करती है। यदि पानी का स्तर हरे रंग से ऊपर है तो ऐसे में बैटरी में उपस्थित एसिड पतला हो सकता है, जिसके कारण यह कार्य करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। पानी हमेशा ही सही स्तर पर रहना चाहिए। जिससे बैटरी की कार्य प्रदर्शन क्षमता प्रभावित न हो सके।

इन्वर्टर बैटरी में पानी भरने की प्रक्रिया

यदि आप अपनी इंवर्टर बैटरी में पानी भरना चाहते हैं तो आपको निम्न प्रक्रिया का पालन करना होता है:-

  • सबसे पहले इंवर्टर बैटरी में लगे इन्डिकेटर से बैटरी में पानी के स्तर की जानकारी प्राप्त करें, यदि इंडीकेटर में पानी की आवश्यकता की जानकारी प्रदान की गई है, अर्थात इन्डिकेटर में पानी लाल निशान से नीचे है तो पानी भरना है।
  • बैटरी में आसुत जल भरने से पहले इंवर्टर एवं पावर सॉकेट के स्विच को बंद करें, यह कार्य सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक होता है, जिस से किसी प्रकार की कोई दुर्घटना नहीं होती है।
  • इंवर्टर बैटरी के टॉपिंग वेन्ट प्लग को बाएं ओर घुमाकर हटाएं, प्लग हटाने के बाद एक कीप का प्रयोग करें। (कीप का निर्माण किसी बोतल को काटकर भी किया जा सकता है)
  • अब कीप के द्वारा बैटरी में धीरे-धीरे आसुत जल को भरें। बैटरी के अंदर बने हुए सभी वर्गों में आपको पानी भरना है। पानी भरने के दौरान इन्डिकेटर में पानी के स्तर की जानकारी देखते रहें। जब पानी का स्तर हरे रंग तक पहुँच जाए तो पानी भरना बंद करें।
  • बैटरी के अंदर पानी के भरने के बाद वेन्ट प्लग को वापस लगाए और दाई ओर घुमा कर उसे बंद करें। सभी चेंबर में वेन्ट प्लग को बंद करें।
  • अब बैटरी, वेन्ट प्लग एवं इन्डिकेटर को किसी कपड़े से साफ करें, क्योंकि पानी भरते समय कुछ पानी बाह्य रूप से लग सकता है। इस प्रकार आप पूरी प्रक्रिया कर के सुरक्षित ढंग से पानी भर सकते हैं।

इन्वर्टर बैटरी में पानी भरते समय ध्यान रखें

इंवर्टर बैटरी में पानी भरते समय निम्न बिंदुओं का ध्यान रखें:-

  • इंवर्टर बैटरी में पानी भरने के लिए केवल और केवल आसुत जल (Distiller Water) का प्रयोग करें। यदि आपके पास आसुत जल न हो तो RO के पानी या अच्छे से फ़िल्टर किए गए पानी का
  • समय-समय पर इंवर्टर बैटरी के इन्डिकेटर में पानी के स्तर की जानकारी देखते रहें। जिस से आप सही समय पर बैटरी में पानी को भर सकते हैं।
  • इंवर्टर बैटरी में पानी भरने के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें, दस्तानों का प्रयोग कर पानी बैटरी में भरें क्योंकि बैटरी में एसिड भी होता है, जो आपको नुकसान पहुंचा सकता है।
  • यदि आप किसी प्रकार से बैटरी में पानी भरना भूल जाते हैं, तो एक निश्चित समयावधि के लिए अपने मोबाइल में रिमाइन्डर सेट करें, जिस से आप सही समय पर बैटरी में पानी भर सकते हैं।

इंवर्टर बैटरी में पानी भरते समय यह न करें:-

  • इंवर्टर बैटरी में जब आप पानी भरते हैं तो उसे उसके स्तर से अधिक और कम न भरें, क्योंकि दोनों ही स्थितियों में बैटरी के खराब होने की संभवनाएं बनी रहती है।
  • पानी भरते समय बैटरी के सभी चेंबर से पानी को बाहर रिसने न दें। क्योंकि इस पानी के अंदर अतिरिक्त रूप से जमा होने पर यह बैटरी को प्रभावित कर सकता है।
  • किसी भी प्रकार के सामान्य जल का प्रयोग बैटरी में न करें, ऐसा होने पर बैटरी खराब हो सकती है।

निष्कर्ष

इंवर्टर बैटरी से उसकी दक्षता एवं क्षमता के अनुरूप कार्य प्राप्त करने के लिए उसका रखरखाव सही प्रकार से करना चाहिए। इंवर्टर बैटरी आज के समय में एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है, जब इलेक्ट्रिक ग्रिड की बिजली जाती है, तो इसके द्वारा ही घरेलू उपकरणों को चलाया जा सकता है। इंवर्टर बैटरी का प्रयोग घरों के अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाता है। इस लेख के माध्यम से आप इंवर्टर बैटरी में पानी भरने से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  1. इंवर्टर बैटरी में प्रयोग किए जाने वाले सल्फ्यूरिक एसिड से बहुत सी अभिक्रियाएं होती हैं। ↩︎

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