सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली: फायदे और नुकसान, प्रभावशीलता

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली (Solar Powered Irrigation System) एक ऐसी प्रणाली है जो सिंचाई के लिए सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करती है। यह प्रणाली पारंपरिक बिजली या डीजल से चलने वाले पंपों की तुलना में अधिक पर्यावरण के अनुकूल और किफायती है।

Published By SOLAR DUKAN

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भविष्य की ऊर्जा के रूप में प्रसिद्ध सौर ऊर्जा द्वारा कई क्षेत्रों में सहायता प्रदान कर आम जीवन को आरामदायक बनाया गया है। सौर ऊर्जा का प्रयोग औद्योगिक क्षेत्रों से लेकर आम आवासों में भी किया जाता है, ऐसे ही सौर ऊर्जा के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में भी क्रांति हुई है। कृषि मानव समाज के लिए बहुत जरूरी है। कृषि के द्वारा प्राप्त होने वाली फसलों से ही हमें भोजन प्राप्त होता है। सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण हो रही है।

कृषि क्षेत्र में पारंपरिक सीमित संसाधनों (ग्रिड बिजली या जीवाश्म ईंधन) से ही अधिकांश कार्य किए जाते हैं, जिस से कई बार पर्यावरण को नुकसान होता है। एवं जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है। कृषि में सिंचाई के सौर ऊर्जा द्वारा संचालित प्रणालियों का प्रयोग किया जाता है। इस लेख के माध्यम से आप सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली (Solar Powered Irrigation System) से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिस से आप इस से होने वाले लाभ एवं नुकसान के बारे में जान पाएंगे।

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली: फायदे और नुकसान, प्रभावशीलता: Solar Powered Irrigation System
Solar Powered Irrigation System

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली

कृषि में सिंचाई करने के लिए किसान ग्रिड पावर या ईंधन से संचालित होने वाले यंत्रों का प्रयोग करते हैं, जिस से उन्हें आर्थिक रूप से भी बहुत नुकसान होता है और धरती के नीचे पानी की मात्रा में निरंतर कमी देखी जाती है। सूखे की स्थिति इस कारण ही उत्पन्न होती है। साथ ही पर्यावरण में होने वाले जलवायु परिवर्तन से सभी को प्रभावित होना पड़ता है।

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली में कई प्रकार से सिंचाई की जाती है, जिस से किसानों को लंबे समय तक लाभ प्राप्त होता है। सोलर पंपों से होने वाली इस सिंचाई से पर्यावरण को भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। यह पंप सोलर पैनल से उत्पन्न होने वाली बिजली का प्रयोग कर कार्य करते हैं। सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा कुसुम योजना को शुरू किया गया है।

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली के प्रकार

सौर ऊर्जा द्वारा की जाने वाले सिंचाई को किसानों द्वारा अलग-अलग यंत्रों के माध्यम से किया जा सकता है, कृषि में होने वाली सिंचाई खेती करने की विधि, मिट्टी के प्रकार, जलवायु पर निर्भर करती है। (Types of Solar Powered Irrigation System) सौर ऊर्जा से होने वाली सिंचाई के कुछ प्रकार निम्न हैं:

  • Surface Pump System का प्रयोग कर नदियों, तालाबों या टैंकों से पानी को खींचा जाता है। इसमें पम्प को सोलर पैनलों से उत्पन्न की जाने वाली बिजली प्रदान की जाती है। इस प्रणाली द्वारा प्राप्त किए जाने वाले पानी का प्रयोग सिंचाई के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी किया जा सकता है।
  • Drip irrigation System में ट्यूबों एवं Emitters (उत्सर्जक) की सहायता से पानी को सीधा पौधों की जड़ों में प्रदान किया जाता है, जिस से पानी का सही और सीमित प्रयोग होता है। सौर ऊर्जा के द्वारा संचालित होने वाली इस प्रणाली से किसानों के साथ ही पर्यावरण को भी बहुत लाभ होते हैं। यह सौर ऊर्जा से संचालित होने वाली सबसे उत्कृष्ट प्रणाली है।
  • Submersible Pump को पानी के लिए कुओं या बोरहोल में डुबाया जाता है, यह ऐसे क्षेत्रों में लगाए जाते हैं जहां भूमिगत जल की मात्रा अधिक होती है। बहुत अधिक कृषि वाले भूभाग के लिए Center Pivot System में रोटैशन वाले स्प्रिंकलर लगाए जाते हैं।

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली: फायदे और नुकसान

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली में होने वाले लाभ एवं हानियाँ इस प्रकार हैं:

लाभ हानियाँ
यह पर्यावरण के अनुकूल कार्य करता है, जीवाश्म ईंधनों की निर्भरता को कम करता हैं एवं इस से कार्बन की मात्रा को कम किया जा सकता है।सौर ऊर्जा द्वारा संचालित सिंचाई प्रणाली में प्रयोग किए जाने वाले सोलर उपकरणों की कीमत अधिक होने के कारण अधिकांश किसान इसका प्रयोग नहीं करते हैं। इसका प्रारम्भिक निवेश उच्च रहता है।
सूर्य ऊर्जा का अस्थाई भंडार है, इसका प्रयोग कर किसान सतत जल प्रबंधन कर सकते हैं। यह पानी का प्रयोग बिना उसे व्यर्थ किए कर सकता है।जिन फसलों को रात के समय में भी सिंचाई की आवश्यकता होती है उन्हें इस प्रणाली के माध्यम से सिंचित नहीं किया जा सकता है। वैकल्पिक रूप से बैटरियों में जमा की हुई बिजली के प्रयोग से इस प्रणाली को संचालित किया जा सकता है।
सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली का प्रयोग ऐसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता हैं जहां ग्रिड पावर नहीं हैं। या जहां बिजली की कटौती अधिक होती है। ऐसे में ऑफ ग्रिड सोलर प्रणाली का प्रयोग किया जा सकता है।यह प्रणाली मौसम पर निर्भर करती है जैसे यदि आसमान में बादल लगे हों तो इस स्थिति में यह सोलर प्रणाली कार्य नहीं करती है। सूर्य की स्थिति के अनुसार ही कार्य करती है।
सोलर ऊर्जा से संचालित होने वाली सिंचाई प्रणाली को एक बार स्थापित करने पर अन्य ग्रिड संचालित सिस्टम की तुलना में इसका रखरखाव एवं संचालन कम कीमत ओर हो जाता है।छोटे कृषि क्षेत्रों में या मध्यम क्षेत्रों में ही इस प्रणाली का प्रयोग किया जा सकता है। क्योंकि बड़े क्षेत्रों में इस प्रणाली का प्रयोग करना जटिल एवं अत्यधिक महंगा हो सकता है।
सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली के महत्व को समझते हुए सरकार इसे स्थापित करने पर किसानों को सब्सिडी भी प्रदान करती है।सौर ऊर्जा से होने वाली सिंचाई प्रणाली में यदि उपकरण खराब हो जाए या कभी इसकी मैन्टिनेन्स की आवश्यकता हो तो उसके लिए सीधा विशेषज्ञ की ही आवश्यकता होती है।

सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली प्रभावशीलता

सौर ऊर्जा द्वारा सिंचाई करना पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए बहुत आवश्यक है, इस से जलवायु परिवर्तन एवं सूखे जैसी वैश्विक समस्याओं को कम किया जा सकता है। यह प्रणाली सम्पूर्ण विश्व को प्रभावित करती है। इसके महत्व एवं प्रभावशीलता को समझते हुए ही कई देशों में इसके लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं:

  • भारत सरकार द्वारा किसानों को सौर ऊर्जा का लाभ प्राप्त कर सिंचाई हेतु प्रेरित करने के लिए कुसुम योजना को लांच किया गया है, जिसके माध्यम से किसान सौर पंपों के द्वारा सिंचाई कर सकते हैं, ऐसा करने पर उन्हें बिजली के बिल में भारी राहत मिलती है, एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए वे सहायक होते हैं।
  • अमेरिका महाद्वीप में स्थित कैलिफोर्निया में सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई प्रणालियों के प्रयोग से कृषि क्षेत्र में करती हुई हैं। इस प्रणाली से पानी के आवश्यक उपयोग को ही सिंचाई के लिए किया जाता है।
  • सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली से अफ्रीका महाद्वीप के सहारा मरुस्थल वाले क्षेत्र में छोटे एवं लघु किसानों को फसल सौर पंपों की सहायता से कृषि में अधिक लाभ प्राप्त करने में सहायता प्रदान होती है।

निष्कर्ष

पृथ्वी में जीवन को बनाए रखने एवं पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए सौर ऊर्जा का प्रयोग करना बहुत जरूरी है। सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली के लाभ एवं नुकसानों की जानकारी आपने देखी, इसके लाभ बहुत अधिक मात्रा में हैं। भविष्य में इस क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के और उपकरण बनेंगे, जिनकी सहायता से कृषि को और आसान पद्धतियों के माध्यम से किया जा सकेगा। यह प्रणाली पर्यावरण अनुकूल होती है। इस लिए ही इनके प्रयोग के लिए जागरूकता का प्रसार होना जरूरी है।

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