Solar Power Plant in India Largest, Smallest, Biggest (भारत में सौर ऊर्जा संयंत्र)

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सौर ऊर्जा प्लांट एक ऐसी सुविधा है जो सोलर ऊर्जा प्रणाली का उपयोग करके सूर्य के प्रकाश को विद्युत में परिवर्तित करता है। सोलर पावर प्लांट द्वारा उत्पादित बिजली का उपयोग ऑन साइट खपत के लिए किया जाता है एवं अन्य उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड में डाला जाता है। सोलर प्लांट द्वारा बिजली उत्पादन प्रक्रिया पारिस्थितिक होती है इसे किसी भी प्रकार का कोई प्रदूषण नहीं होता। भारत में सोलर प्लांट लगाने से जलवायु परिवर्तन में कमी आयी है और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता भी कम हुई है। आज इस लेख में हम आपको बतायेंगे Solar Power Plant in India (भारत में सौर ऊर्जा) (Largest, smallest, biggest) के बारे में :-

Solar power plant in India (भारत में सौर ऊर्जा) (Largest, smallest, biggest)
Solar power plant in India

Solar Power Plant in India – भारत में सौर ऊर्जा संयंत्र

सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत एशिया में तीसरे पर विश्व में चौथे स्थान पर आता है। भारत में राष्ट्रीय सौर मिशन की शुरुआत 2010 में की गयी थी। भारत ने बिना जीवाश्म ईंधन से 40% बिजली 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा था जिसको निर्धारित लक्ष्य से 9 वर्ष पहले यानी 2021 में ही पूरा कर लिया।

भारत के बहुत से राज्यों में सोलर प्लांट लगाए जा रहे है जिनसे भारत प्रदुषण मुक्त हो सके। यहाँ हमने आपको भारत में सौर ऊर्जा संयंत्र का पूर्ण विवरण दिया है :-

राज्यसोलर पार्कक्षमता
(मेगावाट)
सौर ऊर्जा पार्क डेवलपर (SPPD)
आंध्र प्रदेशअनंतपुरमु-I सोलर पार्क1500 MWएपी सोलर पावर कॉर्पोरेशन प्रा. लिमिटेड (APSPCL), SECI, APGENCO और NREDCAP की JVC
कुरनूल सोलर पार्क1000 MW
कडप्पा सोलर पार्क1000 MW
अनंतपुरमु-द्वितीय सौर पार्क500 MW
हाइब्रिड सोलर विंड पार्क160 MW
अरुणाचल प्रदेशलोहित सोलर पार्क20 MWअरुणाचल प्रदेश ऊर्जा विकास एजेंसी (APSDA)
गुजरातराधनेसदा सोलर पार्क700 MWगुजरात पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GPCL)
हरसद सोलर पार्क350 MW
धोलेरा सोलर पार्क Ph-I1000 MW
धोलेरा सोलर पार्क Ph-II4000 MWभारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI)
हिमाचल प्रदेशकाज़ा सोलर पार्क1000 MWएसजेवीएन और हिमाचल प्रदेश सरकार की जेवीसी
झारखंडफ्लोटिंग सोलर पार्क150 MWभारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI)
कर्नाटकपावागाडा सोलर पार्क2000 MWकर्नाटक सौर ऊर्जा विकास निगम प्रा. लिमिटेड (KSPDCL), KREDL और SECI की संयुक्त उद्यम कंपनी
केरलकासरगोड सोलर पार्क105 MWरिन्यूएबल पावर कॉरपोरेशन ऑफ केरला लिमिटेड (RPCKL), एसईसीआई की जेवीसी
मध्य प्रदेशरीवा सोलर पार्क750 MWरीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL), एमपीएनआरईडी और एसईसीआई का संयुक्त उद्यम
मंदसौर सोलर पार्क250 MW
नीमच500 MW
आगर550 MW
शाजापुर450 MW
ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पार्क600 MW
छतरपुर सोलर पार्क950 MW
बरेठी सोलर पार्क550 MWएनटीपीसी
महाराष्ट्रसाई गुरु सोलर पार्क (प्रगट)500 MWमेसर्स साई गुरु मेगा सोलर पार्क प्रा. लिमिटेड (पूर्व में मेसर्स प्रगट अक्षय ऊर्जा लिमिटेड)
पटोदा सोलर पार्क (पैरामाउंट)150 MWमेसर्स पैरामाउंट सोलर पावर प्रा. लिमिटेड (पूर्व में मेसर्स केपी पावर प्राइवेट लिमिटेड)
डोंडाइचा सोलर पार्क250 MWमहाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (MAHAGENCO)
मणिपुरबुक्पी सोलर पार्क20 MWमणिपुर जनजातीय विकास निगम लिमिटेड (MTDCL)
मेघालयमेघालय में सोलर पार्क20 MWमेघालय विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (MePGCL)
मिजोरमवांकल सोलर पार्क20 MWबिजली एवं बिजली विभाग
ओडिशाएनएचपीसी द्वारा सोलर पार्क40 MWएनएचपीसी लिमिटेड
एनएचपीसी द्वारा सोलर पार्क100 MW
राजस्थानभडला-II सोलर पार्क680 MWराजस्थान सोलर पार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (RSDCL)
भडला-III सोलर पार्क1000 MWमैसर्स सूर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ राजस्थान लिमिटेड (SUCRL) राज्य सरकार की जेवीसी
भडला-IV सोलर पार्क500 MWमैसर्स अदानी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड (ARPRL) राज्य सरकार की जेवीसी
फतेहगढ़ फेज-1बी सोलर पार्क421 MW
फलोदी-पोकरण सोलर पार्क750 MWमैसर्स एस्सेल सूर्य ऊर्जा कंपनी ऑफ राजस्थान लिमिटेड (ESUCRL) राज्य सरकार की जेवीसी
नोख सोलर पार्क925 MWराजस्थान सोलर पार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (RSDCL)
उत्तर प्रदेशयूपी में सोलर पार्क440 MWलखनऊ सौर ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (LSDPCL) यूपीनेडा और एसईसीआई का संयुक्त उद्यम
जालौन सोलर पार्क1200 MWबीएसयूएल

भारत के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र। Biggest Solar Power Plant In India

भारत में बहुत सारे सोलर पावर प्लांट है। जिनमे से भारत से सबसे बड़े पावर प्लांटस का विवरण निम्नलिखित है :-

भड़ला सोलर पार्क

राजस्थान के जोधपुर जिले के भड़ला में भारत का सबसे बड़ा सोलर प्लांट है। भड़ला में औसतन तापमान लगभग 46 से 48 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच रहता है जो मनुष्य के रहने योग्य नहीं है लेकिन सौर एनर्जी से बिजली उत्पादित करना का एक बेहतर विकल्प है।

इस सौर संयंत्र के निर्माण एवं रखरखाव के लिए  डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड की सहायक कंपनी), सौर्य ऊर्जा कंपनी (राजस्थान सरकार और आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी की संयुक्त उद्यम कंपनी), और अदानी रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान जिम्मेदार है।

  • इस प्लांट को बनाने में खर्च की गयी औसतन धनराशि लगभग 10,000 करोड़ रुपए है।
  • 14000 एकड़ जगह में फैले इस प्लांट में लगभग 1 करोड़ सोलर पैनल लगे है।
  • इन पैनलो को साफ़ करने के लिए क्लीनिंग रोबोट्स का इस्तेमाल किया जाता है जिनको ह्यूमन द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
  • इस सोलर प्लांट की कैपेसिटी 2245MW है।
  • भड़ला लगभग 45 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ रेतीला एवं शुष्क क्षेत्र है, जहाँ गर्म हवाएं और रेतीला तूफ़ान अक्सर आते रहते है।

पावागाडा सोलर पार्क

पावागाडा सोलर पार्क कर्नाटक में स्थित है जो 13000 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। कर्नाटक का ये स्थल सोलर पार्क दुनिया के बड़े सोलर पार्को में भी शामिल है।

इस पार्क को कर्नाटक सोलर पार्क डेवलपर कारपोरेशन लिमिटेड (KSPDCL) द्वारा विकिसित किया गया है जो नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन की मदद से भारतीय और सौर ऊर्जा निगम एवं कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा के बीच एक संयुक्त उद्यम है।

  • इसकी बिजली उत्पादन क्षमता 2000MW है।
  • इस परियोजना के निर्माण में 14,800 करोड़ रुपए की लागत लगी थी
  • ये 2019 में बनकर तैयार हो गया था।

कुर्नूल अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क

कुर्नूल अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित है। इसका उद्घाटन राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा २०१९ में किया गया था।

यह ऊर्जा संयंत्र आंध्र प्रदेश सौर ऊर्जा निगम और आंध्र प्रदेश उत्पादन निगम एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास निगम के साथ संयुक्त रूप से 7143 करोड़ के निवेश के साथ दो साल के भीतर स्थापित किया गया था।

  • इसकी बिजली उत्पादन क्षमता 1000MW है।
  • यह सोलर पावर प्लांट 5932 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है।

एन पी कुंटा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क

एन पी कुंटा अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क को अनन्तपुरम-I अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क या कादिरी अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क के नाम से भी जाना जाता है।

30 अप्रैल 2021 तक 978.5 MW क्षमता वला ये प्लांट इन कंपनियों द्वारा स्टार्ट किया गया था – स्प्रिंग अग्निट्रा (250 MW), अयाना सोलर (228.5 MW), एसबी एनर्जी सोलर (250 MW) और एनटीपीसी (250 MW) । अन्य 400 मेगावाट टाटा (100 MW), एसीएमई (150 MW), एज़्योर (50 MW) और एफआरवी लिमिटेड (100 MW) द्वारा निकटवर्ती गैलीवीडु सोलर पार्क में स्थापित किया गया था जो एनपी कुंटा सोलर पार्क का हिस्सा नहीं है।

  • यह सोलर पार्क आंध्र प्रदेश राज्य में 7924 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला हुआ है।
  • इसको मई 2016 में कमीशन किया गया था।
  • यह सौर संयंत्र आंध्र प्रदेश पावर कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है।
  • इस सोलर पावर प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता 978.5 MW है।

रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट

रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट मध्यप्रदेश राज्य में स्थित है जो 1590 एकड़ में फैला हुआ है।ये भारत का पहला ऐसा सौर संयंत्र है जो सामान्य ऊर्जा ग्रिड के तुल्य है। यह वर्ल्ड बैंक इंटरनेशनल फाइनेंस कारपोरेशन से कन्सेशनल ऋण प्राप्त करने वाला भारत का एकमात्र सोलर पावर प्लांट भी है। इसकी शुरुआत 2021 में की गयी थी।

  • इसकी कुल बिजली उत्पादन क्षमता 750 MW है।
  • इस परियोजना की निर्माण लागत 4500 करोड़ रुपए है।
  • ये मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास लिमिटेड और सोलर एनर्जी कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया के मध्य एक संयुक्त उद्यम है।

भारत के सबसे छोटे सौर ऊर्जा संयंत्र। Smallest Solar Power plants in India

वांकल सोलर पार्क भारत का सबसे छोटा सोलर पावर प्लांट है। वांकल सोलर पार्क मिजोरम में स्थित है। इस परियोजना को नवीन एवं नवीकरणीय संसाधन मंत्रालय की सौर पार्क योजना के तहत मंजूरी दी गयी थी। इसका उद्घाटन राज्य के ऊर्जा एवं बिजली मंत्री द्वारा किया गया था। प्लांट से उत्पादित बिजली को मिजोरम सरकार 3.94 रुपए प्रति यूनिट की दर पर खरीद सकेगी।

  • यह सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता 20MW है।
  • इसकी शुरुआत 25 अप्रैल 2023 को की गयी थी।
  • इसकी लागत 2,107 करोड़ रुपए है।

Solar power plant in India से सम्बंधित कुछ प्रश्न उत्तर

सबसे बड़ा Solar Power Plant in India कौन सा है ?

सबसे बड़ा Solar power plant in India भड़ला सोलर पार्क है।

भारत का सबसे छोटा सौर ऊर्जा प्लांट कैसा है ?

भारत का सबसे छोटा सौर ऊर्जा प्लांट वांकल सोलर पार्क है जो मिजोरम में स्थित है।

सोलर पावर प्लांट क्या है ?

सोलर पावर प्लांट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे सोलर मॉड्यूल्स एवं अन्य अवयवों का उपयोग करके सूरज की ऊर्जा से बड़े पैमाने पर बिजली उत्पन्न की जाती है। इस पूरी प्रणाली को ही सोलर पावर प्लांट कहते है।

सोलर ऊर्जा से बिजली बनाने के क्या फायदे है ?

सोलर ऊर्जा से बिजली बनाने में किसी भी प्रकार का कोई प्रदुषण नहीं होता है और इस प्रक्रिया से पर्यावरण को भी किसी प्रकार की कोई हानि नहीं होती है।

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