सोलर पैनल पर 25 साल की वारंटी कैसे एक मिथक है? जानें

सोलर पैनल पर मिलती है 25 साल की वारंटी, क्या यह वारंटी सच में काम करती है इतने साल तक। यह जानकारी जानने के लिए इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

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सोलर पैनल पर 25 साल की वारंटी कैसे एक मिथक है? जानें
सोलर पैनल पर 25 साल की वारंटी कैसे एक मिथक है? जानें

Solar Panel: बढ़ते बिजली बिलों से राहत पाने के लिए लोग अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कर रहें हैं और मार्केट में इसकी डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। क्योंकि सोलर पैनल हैं ही इतने शानदार, कि इन्हें कौन नहीं लगाना चाहेगा। आमतौर पर सोलर पैनल पर 25 साल की वारंटी दी जाती है, लेकिन क्या सच में सोलर पैनल इतने वर्ष तक हमें लगातार लाभ ही लाभ प्रदान करेंगे। अक्सर यह बात हर कस्टमर के दिमाग में रहती है। इसके साथ ही जो सोलर पैनल का कार्यकाल होता है वह उसकी क्षमता और क्वालिटी पर निर्भर करता है। तो चलिए, आज हम आपको इस लेख में इस टॉपिक की सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहें हैं इसके लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

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सोलर पैनल पर 25 साल की वारंटी, क्या है सच?

अगर कोई आम आदमी अपने घर पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाता है और निर्माता उसे इस पैनल पर 25 साल की वारंटी देता है तो क्या वह इस पर यकीन कर लेंगे। उदाहरण के लिए समझ लीजिए अगर आप कोई मोबाइल लेते हैं जिस पर 1 साल की वारंटी होती है लेकिन वह 6 माह में ही ख़राब हो जाता है और आप उसे उसी कंपनी के पास ले जाते हैं जिससे आपने इसे ख़रीदा था। अगर कंपनी वाला कहे कि यह मोबाइल तो अब बंद हो गए हैं आप इसे मार्केट रेट पर बेच लें इसका यही समाधान है तो आप इसे क्या एक वैलिड वारंटी क्लेम मान सकते हैं। आजकल सोलर इंडस्ट्री में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

सोलर पैनल को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021 में Production Linked Incentive (PLI) लाया गया। इसके अंतर्गत यदि आप अपने घर सोलर पैनल स्थापित कर रहें हैं तो सरकार द्वारा आपको वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

आपको बता दें भारत में दो प्रकार के सोलर पैनल बनाए जाते थे मोनोक्रिटलाइन एवं पोलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल लेकिन वर्ष 2021 में सरकार ने पोलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल को इंडियन मैन्युफैक्चरिंग में से आउट कर दिया था। क्योंकि इसकी मैक्सिमम एबिलिटी 17 से 18 प्रतिशत एफ्फिसिएंट होती है।

भारत सरकार द्वारा एक पैरामीटर सेट किया गया है। जिसमें वे ही सोलर पैनल बनाए जाएंगे जिनकी मिनिमम मोडुअल एफिशिएंसी 19.50% तक होगी। और इसमें एक ही सोलर पैनल आता है जो है मोनोक्रिटलाइन सोलर पैनल।

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इसलिए भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा ALMM लिस्ट से पोलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल को हटा दिया गया, इससे ग्राहकों को कई तरह नुकसान हो सकते हैं। इसलिए उम्मीद ख़त्म हो जाती है कि 25 साल की वारंटी काम आएगी या फिर नहीं, क्योंकि नई टेक्नालॉजी बढ़ने के साथ ALMM लिस्ट में पुरानी कंपनी को हटाकर नई कंपनी को शामिल किया जा रहा है।

साधारण भाषा में कहें तो ALMM लिस्ट से हटाने के बाद, पोलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनलों की मांग कम हो जाएगी, और इनकी कीमत बढ़ जाएगी। इससे ग्राहक यदि इसे खरीदता है तो उसे अधिक भुगतान करना होगा।

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कितना होता है सोलर पैनल का जीवनकाल

सोलर पैनल लगाने से पहले लोग यही सोचते हैं कि सोलर पैनल कितने समय तक बिजली का निर्माण कर सकता है। अर्थात इसका जीवनकाल कब तक रहेगा यह कितना कार्य कर सकता है।

सोलर पैनल जब आप खरीदते हैं तो इसमें आपको करीबन 25 से 30 साल की वारंटी मिलती है। अधिकतर सोलर पैनल निर्माता ग्राहकों को अपने सोलर पैनल की वारंटी 25 साल के लिए देते हैं।

सोलर पैनल खरीदते समय ध्यान रखें ये बाते:

  • जब भी आप सोलर पैनल खरीद रहें हैं तो आपको उच्च गुणवत्ता वाले सोलर पैनल चयन करने हैं।
  • आपको पैनल की वारंटी शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ना है।
  • सोलर पैनल हेतु एक अनुभवी एवं प्रमाणित सोलर पैनल इंस्टॉलर को चुनें।
  • आपको पैनलों का रखरखाव उचित ढंग से करना है।

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