आपको सोलर पैनल सिस्टम लगाने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, ऐसे करें पता

सरकार द्वारा सोलर सिस्टम लगाने के लिए नागरिकों को सोलर सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जानें कितनी सोलर सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।

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आपको सोलर पैनल सिस्टम लगाने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, ऐसे करें पता
आपको सोलर पैनल सिस्टम लगाने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, ऐसे करें पता

सौर ऊर्जा को भविष्य की ऊर्जा भी कहते हैं, क्योंकि सौर ऊर्जा ऊर्जा प्रचुर मात्रा में हमें प्राप्त होती है, जिसके द्वारा बिजली का निर्माण किया जा सकता है, एवं बिजली की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है। सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होती है, जिसका प्रयोग पर्यावरण के अनुकूल किया जाता है। आज के समय में सोलर पैनल जैसे उपकरण को विज्ञान का एक आधुनिक चमत्कार कहा जा सकता है, क्योंकि सोलर पैनल सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने का कार्य करते हैं। सोलर पैनल सिस्टम लगाने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी यहाँ जानें।

सोलर सिस्टम में सोलर पैनल सबसे मुख्य उपकरण होते हैं, सोलर पैनल में सोलर सेल (PV Cell) लगे रहते हैं, जिन्हें अर्द्धचालक पदार्थों के माध्यम से बनाया जाता है। सोलर पैनल पर जब सूर्य का प्रकाश पड़ता है, तो उसमें लगे सोलर पैनल इलेक्ट्रॉन को मुक्त करते है, मुक्त इलेक्ट्रॉन के प्रवाह से ही बिजली बनती है। सोलर पैनल द्वारा दिष्ट धारा DC के रूप में बिजली का उत्पादन किया जाता है। नागरिकों को सोलर सिस्टम के लिए प्रेरित करने के लिए हाल ही में सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना को लांच किया गया है, इस योजना के माध्यम से 10 किलोवाट क्षमता तक के सोलर सिस्टम में सब्सिडी प्रदान की जाती है।

कैसे सोलर सिस्टम पर मिलती है सब्सिडी?

सरकार द्वारा ऑनग्रिड सोलर सिस्टम को लगाने के लिए सब्सिडी दी जाती है, ऐसे सोलर सिस्टम में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली को इलेक्ट्रिक ग्रिड के साथ शेयर किया जाता है, ऑनग्रिड सोलर सिस्टम में पावर बैकअप को किसी प्रकार से संग्रहीत नहीं किया जा सकता है, इस सिस्टम में बैटरी नहीं लगती है। सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाले सब्सिडी केवल पॉलीक्रिस्टलाइन प्रकार के सोलर पैनल को लगाने पर दी जाती है। ऑनग्रिड सोलर सिस्टम के द्वारा बिजली के बिल को कम किया जा सकता है, ऐसे सिस्टम में शेयर होने वाली बिजली की गणना करने के लिए नेट मीटर को स्थापित किया जाता है।

सोलर पैनल सिस्टम लगाने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?

पहले सरकार द्वारा सोलर रूफटॉप योजना के द्वारा सोलर सिस्टम पर सब्सिडी प्रदान की जाती थी, इस योजना में 3 किलोवाट तक की क्षमता के सोलर सिस्टम पर 40% सब्सिडी एवं 3 किलोवाट से ऊपर 10 किलोवाट तक की क्षमता के सोलर सिस्टम पर सरकार द्वारा 20% की सब्सिडी प्रदान की जाती थी। अब सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना में सब्सिडी की राशि को अलग-अलग कर दिया गया है। केंद्र सरकार के अतिरिक्त राज्य सरकार भी नागरिकों को सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस प्रकार कम कीमत में सोलर सिस्टम को स्थापित किया जा सकता है।

पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से 1 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है, 2 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 60 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है, एवं 3 किलोवाट से 10 किलोवाट क्षमता तक के सोलर सिस्टम पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। 10 किलोवाट से अधिक क्षमता के सोलर सिस्टम पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है। केंद्र सरकार की इस योजना के द्वारा देश के 1 करोड़ परिवारों के घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। एवं 300 यूनिट तक बिजली को फ्री में प्रदान किया जाएगा।

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सोलर सब्सिडी का आवेदन कैसे करें

केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना का आवेदन आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस से भी कर सकते हैं। यदि आप ऑनलाइन माध्यम से इस योजना का आवेदन करना चाहते हैं, तो आप पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आपके पास आपका बिजली बिल होना चाहिए, जिससे आपको अपने बिजली उपभोक्ता नंबर की जानकारी होती है, सोलर उपकरणों को डिस्कॉम में पंजीकृत विक्रेता के माध्यम से ही खरीदना चाहिए। सोलर सिस्टम के स्थापित होने के बाद 30 से 60 दिनों में सोलर सब्सिडी प्राप्त हो जाती है।

सोलर सिस्टम के द्वारा पर्यावरण के अनुकूल ही कार्य किया जाता है, साथ ही बिजली बिल को कम कर के आर्थिक बचत भी की जा सकती है। सोलर सिस्टम के इन्हीं महत्वों को समझते हुए सरकार द्वारा सब्सिडी योजना को शुरू किया गया है। सोलर सिस्टम के अधिक से अधिक प्रयोग से ही हरित भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता है, क्योंकि इनके प्रयोग से जीवाश्म ईंधन की निर्भरता को खत्म किया जा सकता है, एवं कार्बन फुटप्रिन्ट को कम किया जा सकता है। सोलर सिस्टम पर किए गए निवेश को बुद्धिमानी का निवेश कहा जाता है।

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