सोलर वाटर हीटर क्या है, इसकी कार्यप्रणाली देखें

सोलर वॉटर हीटर में एक ऐसा सिस्टम होता है, जिसके द्वारा गर्म पानी की निरंतर आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है।

Published By News Desk

Published on

आज के समय में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनका प्रयोग पर्यावरण के अनुकूल होता है। जिस से किसी प्रकार का प्रदूषण उत्पन्न नहीं होता है। साथ ही ऐसे नागरिक जो इन उपकरणों का प्रयोग करते हैं वे ग्रिड बिजली के बिल में छूट प्राप्त करते हैं। सोलर वाटर हीटर (Solar Water Heater) ऐसे ही एक नवीकरणीय ऊर्जा का प्रयोग करने वाला उपकरण है। सर्दी के इस मौसम में अधिकांश कार्यों में गर्म पानी की आवश्यकता पड़ती है।

जिसके लिए जीवाश्म ईंधन की आग, लकड़ियों की आग या बिजली से संचालित होने वाले उपकरणों का प्रयोग सामान्यतः किया जाता है। इनके प्रयोग से पर्यावरण को नुकसान होने के साथ ही उपयोगकर्ताओं को बिजली का भारी बिल भी प्राप्त होता है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको सोलर वाटर हीटर की जानकारी प्रदान करेंगे। जिस से आप यह जान सकते हैं कि यह कार्य कैसे करता है।

सोलर वाटर हीटर क्या है, इसकी कार्यप्रणाली देखें
सोलर वॉटर हीटर क्या है

सोलर वाटर हीटर क्या है?

सोलर वाटर हीटर ऐसा ऐसा उपकरण है जो सूर्य से प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा के माध्यम से पानी को गर्म करने का कार्य करता है। यह पारंपरिक रुप से प्रयोग होने वाले वॉटर हीटरों (जैसे- इलेक्ट्रिक गीजर, गैस गीजर) की तुलना में अलग प्रकार से कार्य करता है। सोलर वॉटर हीटर में एक ऐसा सिस्टम होता है, जिसके द्वारा गर्म पानी की निरंतर आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है।

यह पर्यावरण के अनुकूल बिना किसी प्रदूषण को उत्पन्न किए कार्य करता है। साथ ही इसके प्रयोग करने के लिए किसी प्रकार की ग्रिड पावर या जीवाश्म ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है। सोलर उपकरणों के समान ही इसमें पैनल के स्थान पर कलेक्टर का प्रयोग किया जाता है। जो सूर्य के प्रकाश से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को अवशोषित कर सिस्टम की कार्यप्रणाली को शुरू करते हैं।

सोलर वाटर हीटर की कार्यप्रणाली

आज के समय में एडवांस तकनीक के Solar Water Heater बाजारों में उपलब्ध है। सोलर वॉटर हीटर पानी गरम कैसे करता है, हम आपको इसकी कार्य प्रणाली की जानकारी इसमें प्रयोग होने वाले उपकरणों के आधार पर प्रदान करेंगे:

  • कलेक्टर– सोलर कलेक्टर इस वाटर सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है, इसके द्वारा सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को अवशोषित किया जाता है। यह सूर्य के प्रकाश से आने वाली ऊर्जा को एकत्रित करने का कार्य करता है।
  • इंसुलेटेड टैंक– इस सिस्टम में इंसुलेटेड टैंक का प्रयोग किया जाता है। इसमें गर्म पानी जमा होता है। एवं इस टैंक में पानी लंबे समय तक के लिए गर्म रहता है।
  • कापर पाइप– सोलर कलेक्टर से इंसुलेटेड टैंक को जोड़ने के लिए कापर पाइप का प्रयोग किया जाता है। इनके द्वारा ठंडे पानी को टैंक के नीचे से गर्म करने के लिए सोलर कलेक्टर तक पहुंचाया जाता है।
  • थर्मोसिफ़ोन प्रभाव– थर्मोसिफ़ोन प्रभाव के कारण सूर्य से आने वाले प्रकाश से सोलर कलेक्टर पानी को गर्म करते हैं। इस प्रक्रिया में पानी गर्म होने पर कलेक्टर हल्के हो जाते हैं, एवं स्वाभाविक रूप से कापर पाइप के माध्यम से इंसुलेटेड टैंक तक गर्मी पहुँचती है।
  • सोलर वॉटर हीटर 68°±5°C तक पानी को गर्म करने में सक्षम होते हैं। इंसुलेटेड टैंक गर्म पानी को लंबे समय तक संग्रहीत कर सकते हैं। यह 20 घंटे तक पानी को गर्म रखते हैं। जिसके दौरान आप गर्म पानी का प्रयोग कर सकते हैं।
  • Thermostat Drive– यदि किसी दिन मौसम खराब हो या बारिश वाला मौसम हो तो ऐसे में बैकअप हीटिंग एलीमेंट के रूप में Thermostat Drive का प्रयोग किया जा सकता है। इसमें बिजली का प्रयोग कर के पानी को गर्म किया जा सकता है।

इस प्रकार उपरोक्त उपकरणों की सहायता से सोलर वाटर हीटर सिस्टम कार्य करता है। इसका प्रयोग कर उपभोक्ता ग्रिड बिजली की 1500 यूनिट तक की बिजली की बचत कर सकता है। यह वाटर सिस्टम पानी को लंबे समय तक के लिए गर्म रख के उपयोगकर्ता को इसका प्रयोग किसी भी समय प्रदान करने की अनुमति प्रदान करता है।

सोलर वाटर हीटर के प्रकार

सोलर वाटर हीटर में कलेक्टर अलग प्रकार के प्रयोग किए जाते हैं। घरेलू एवं औद्योगिक क्षेत्र दोनों में ही प्रयोग किए जाने वाले Solar Water Heater मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

FPC (Flat Plate Collector) System

FPC प्रकार के कलेक्टर सोलर पैनल के समान ही होते हैं, इनमें कांच से कवर्ड किया इंसुलेटेड मेटालिक बॉक्स लगा होता है। जैसे सोलर पैनल के अंदर सोलर सेल को कवर्ड किया जाता है। इंसुलेटेड मेटालिक बॉक्स (एक प्रकार का लोहे का बॉक्स) के अंदर काले रंग से लेपित की गई कॉपर शीट लगी होती है, जो सूर्य से प्राप्त गर्मी को अवशोषित करने का कार्य करती है। एफ.पी.सी. सोलर वॉटर हीटर

यह भी देखें:सोलर वाटर हीटर और गीजर में अंतर देखें, जानें क्यों बेहतर है Solar Water Heater लगवाना

सोलर वाटर हीटर और गीजर में अंतर देखें, जानें क्यों बेहतर है Solar Water Heater लगवाना

इंसुलेटेड मेटालिक बॉक्स में तांबे की ट्यूब को सीधा खड़ा किया जाता है। जिन्हें नीचे दो कॉपर पाइप से जोड़ा जाता है, जो हैडर कहे जाते हैं। इसने ठंडा पानी ऊपर कलेक्टर में लगे इंसुलेटेड मेटालिक बॉक्स में जाता है। एवं खड़ी ट्यूब के द्वारा यह गर्म हो जाता है। इसके बाद पानी इंसुलेटेड टैंक में जमा हो जाता है, जिसका प्रयोग उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकता है।

ETC (Evacuated Tube Collector) System.

Co-Axial Glass ट्यूब से बनी हुई सीधी ट्यूब इसमें लगी होती है। इनमें दो ट्यूबों के बीच गैप रखा जाता है, क्योंकि इस से ट्यूबों के बीच की हवा को वैक्युम बनाने के लिए हटा दिया जाता है। ऐसा होने से Insulation को सुधारा जाता है। ई.टी.सी. सोलर वॉटर हीटर

इस सिस्टम के अंदर लगे ट्यूब को Absorption एवं Insulation देने Coat किया जाता है। ग्लास पाइप में ठंडा पानी भरा होता है। एवं जब इनके ऊपर सूर्य का प्रकाश पड़ता है तो यह पानी को गर्म करना शुरू कर सकते हैं। जिसे स्टोर करने के लिए इंसुलेटेड टैंक का प्रयोग किया जाता है।

Solar Water Heater का चयन करने योग्य कारक

यदि आप सोलर वॉटर हीटर में निवेश करने की सोच रहे हैं तो उस से पहले आपको निम्न कारकों को ध्यान में रखना चाहिए:

  • आप जिस स्थान पर रहते हैं वहाँ सूर्य की रोशनी की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण कारक है, एक सोलर हीटर को कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए 4 से 5 घंटे की उचित धूप प्राप्त होनी चाहिए।
  • सोलर वाटर हीटर का उचित आकार निर्धारित करने के लिए आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि आप प्रतिदिन कितना गर्म पानी प्रयोग करते हैं। आवश्यकता से बड़ा या छोटा हीटर आपको आर्थिक नुकसान दे सकता है।
  • सोलर वाटर हीटर सिस्टम को आप अपने छत पर स्थापित करते हैं, यह सिस्टम वजन में काफी भारी हो सकता है, इसलिए आप का छत इसका वजन सहने के योग्य होना चाहिए। यह वजन में 400 पाउन्ड तक के हो सकते हैं।
  • Solar Water Heater सिस्टम का चयन करने से पूर्व अपने बजट को निर्धारित करें एवं अपनी आवश्यकता के अनुसार उचित सिस्टम खरीदें, इनकी कीमत इनके आकार एवं निर्माता ब्रांड के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

उपरोक्त बिंदुओं पर सावधानीपूर्वक विचार करें, एवं अपनी आवश्यकता के अनुरूप ही सही सोलर वॉटर हीटर का चयन करें।

निष्कर्ष

पर्यावरण के अनुकूल कार्य करने वाले सोलर वॉटर हीटर का प्रयोग आप अपने घरों या प्रतिष्ठानों में कर सकते हैं। इसके प्रयोग से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए आप अपना सहयोग दे सकते हैं, एवं एक उज्ज्वल हरित भविष्य की कल्पना कर सकते हैं। ग्रिड पावर की बिजली की निर्भरता वाले वाटर हीटर में आपको बिजली का भारी बिल प्राप्त होता है। इसलिए भी सोलर वाटर हीटर आवश्यक हो जाते हैं।

इस लेख के द्वारा आप Solar Water Heater की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सोलर उपकरणों पर किया गया निवेश प्रारंभ में आपको महंगा लग सकता है। लेकिन इनसे होने वाले लाभ इनकी कीमत प्रदान करते हैं। यदि आप लंबे समय तक सोलर वाटर हीटर का प्रयोग करना चाहते हैं तो आप इसकी साफ-सफाई एवं रखरखाव उचित ढंग से करें।

यह भी देखें:

यह भी देखें:सोलर वॉटर हीटर को सुरक्षित बनाए रखने के 6 तरीके, चलेगा सालों साल, देखें

सोलर वॉटर हीटर को सुरक्षित बनाए रखने के 6 तरीके, चलेगा सालों साल, देखें

Leave a Comment

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें