जनरेटर और इंवर्टर बैक-अप: फायदे और नुकसान देखें।

बिजली का उत्पादन करने के लिए जनरेटर और बिजली को DC से AC में बदलने के लिए इंवर्टर का प्रयोग करते हैं। आइए जानते हैं की कौन सा उपकरण क्या काम करता है, जिससे आप समझ पाएंगे की कौन सा आपके लिए बेस्ट रहेगा।

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जनरेटर और इंवर्टर दोनों ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं, जिसके द्वारा विद्युत ऊर्जा से संबंधित कार्य किया जाता है, दोनों अलग-अलग तरीके से कार्य करते हैं। अधिकांश लोग इन दोनों के कार्यों के कारण यह तय नहीं करते हैं कि वे किसका प्रयोग कर सकते हैं, ऐसे में वे सही उपकरण का चयन नहीं कर पाते हैं, यहाँ हम आपको जनरेटर और इंवर्टर (Generator and Inverter) की पूरी जानकारी दे रहे हैं, जिससे आप इनके फायदे एवं नुकसान के बारे में या कौन सा उपकरण ज्यादा अच्छा है आसानी से समझ सकते हैं।

जनरेटर और इंवर्टर बैक-अप: फायदे और नुकसान देखें।
जनरेटर और इंवर्टर बैक-अप: फायदे और नुकसान

जनरेटर क्या है?

कैसा कि नाम से ही समझा जा सकता है, जनरेटर का अर्थ उत्पादन करना है। जनरेटर के माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जाता है, यह बिजली का उत्पादन प्रत्यावर्ती धारा AC के रूप में करता है। इसका प्रयोग सामान्यतः अधिक आवश्यकता वाले स्थानों और दूरस्थ क्षेत्रों में किया जाता है। पारंपरिक रूप से यह जीवाश्म ईंधन (डीजल) के माध्यम से संचालित किए जाते हैं। बिजली का उत्पादन करने पर इनके द्वारा शोर भी उत्पन्न होता है। जनरेटर क्या है?

इंवर्टर क्या है?

बिजली के दिष्ट धारा DC रूप को AC में परिवर्तित करने के लिए इंवर्टर का प्रयोग किया जाता है, सामान्यतः इंवर्टर एक एडाप्टर के रूप में कार्य करता है।1 यह बैटरी से चलने वाले सिस्टम एवं ग्रिड से प्राप्त होने वाले कनेक्शन से कम पावर वाले घरेलू एवं वाणिज्यिक विद्युत उपकरणों को संचालित करने में सक्षम बनाता है। इंवर्टर का प्रयोग कर के सभी उपकरणों को चलाया जा सकता है क्योंकि अधिकांशतः यह आवश्यकता के अनुसार इलेक्ट्रिक ग्रिड से जोड़े गए होते हैं। Luminous NXT + Series Solar Inverter Price

जनरेटर और इंवर्टर में अंतर

हम आपको कुछ कारकों के आधार पर जनरेटर और इंवर्टर में अंतर बताएंगे जो निम्न सारणी के अनुसार हैं:-

कारक जनरेटर इंवर्टर
ऊर्जा (Energy) यह एक यांत्रिक उपकरण है, जिसके द्वारा बिजली का उत्पादन किया जाता है। इस उपकरण में घूमने वाले घटकों का प्रयोग कर डीजल के कैलोरी माँ को बिजली में बदला जाता है।यह स्टोर की गई बिजली को DC से AC में बदलने का कार्य करता है। इसमें परिणाम के रूप में अपरिवर्तित बिजली संकेत होता है, बिजली के रूप को परिवर्तित करने के बाद इससे उत्पन्न बिजली पूर्ण प्रत्यावर्ती धारा AC के समान ही विशेषताएं रखती हैं।
संचालन (Operation) जनरेटर के द्वारा यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है, जनरेटर को डीजल, गैसोलीन या अन्य दहनशील पदार्थों से संचालित किया जाता है, इसमें जब ईंधन जलता है तो मोटर घूमती है, एवं चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है, और फिर बिजली का उत्पादन होता है। इसमें आउटपुट अस्थिर रहता है।जैसा कि यह धारा के AC रूप को DC में परिवर्तित करता है, इसमें विपरीत कार्य करने के लिए स्विच एवं रेक्टिफायर का प्रयोग होता है, रेक्टिफायर का प्रयोग कर बिजली के AC रूप को DC में बदल कर बैटरी में जमा किया जाता है।
भंडारण (Storage) जनरेटर में किसी प्रकार से बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता है। जनरेटर को ऑन करने पर यह बिजली का उत्पादन करता है, जनरेटर के माध्यम से बिजली प्राप्त करने में इसे ऑन करने एवं बैकअप प्राप्त करने के बीच समय का अंतराल होता है।इंवर्टर सेट बैटरी में बिजली को संग्रहीत कर के रखा जा सकता है, इसमें बिजली को DC के रूप में स्टोर किया जा सकता है। ऐसे पावर इंवर्टर सेट बैटरी में चार्जिंग के दौरान पहले AC को DC में बदलकर जमा किया जाता है, आवश्यकता पड़ने पर जमा बिजली को ही AC में बदल कर प्रयोग किया जाता है। यह औटोमेटिक ही ऑन हो जाता है।
वज़न (Weight) जनरेटर का वजन अधिक होता है, लेकिन इसमें मेटल टायर लगे होते हैं, जिस से इनमें पोर्टेबल बनाया जा सकता है। जनरेटर का प्रयोग अधिक आवश्यकता पड़ने पर ही किया जा सकता है।इंवर्टर का वजन जनरेटर की तुलना में बहुत कम होता है, इसके साथ प्रयोग की जानी वाली बैटरियों का वजन इसे भारी बना सकता है। बैटरियों को अपने साथ ले जाना थोड़ा कठिन होता है।
रखरखाव (Maintenance) सामान्यतः जनरेटर का प्रयोग कर बिजली उत्पादन करने के लिए जीवाश्म ईंधन (डीजल, गैसोलीन आदि) का प्रयोग किया जाता है। जनरेटर में फ्यूल बदलने, आसुत जल भरने आदि के साथ अनेक रखरखाव से जुड़े कार्य करने होते हैं।इंवर्टर का प्रयोग करने के लिए कम रखरखाव की आवश्यकता होती है, इनमें किए जाने वाले रखरखाव को आसानी से किया जा सकता है। बैटरियों में प्रयोग किए जाने वाले पानी का स्तर पर्याप्त रूप से होना चाहिए एवं बैटरी के टर्मिनल साफ होने चाहिए।
शोर (Noice) जनरेटर जब बिजली का उत्पादन करने के लिए ऑन रहते हैं तो इसमें बहुत अधिक शोर होता है। क्योंकि इसमें प्रयुक्त होने वाले इंजन को से बिजली का उत्पादन करने के लिए गति 3600 RPM तक आवश्यक होती है, जिस कारण यह शोर उत्पन्न होता है।इंवर्टर का प्रयोग कर बिजली के रूप को बदलने में बहुत कम मात्रा में शोर उत्पन्न होता है। यह नॉर्मल रह कर ही कार्य करता है। इंवर्टर के द्वारा कनेक्टेड आउटपुट की जांच की जाती है, साथ ही बिजली की मात्रा को समायोजित किया जाता है,
कनेक्टेड आउटपुट का विश्लेषण करता है और उत्पादित बिजली की मात्रा को समायोजित करता है, जिससे जनरेटर से आने वाला
कीमत (Price) जनरेटर की कीमत इंवर्टर की तुलना में कम होती है, बस इसमें निरंतर रूप से ईंधन का प्रयोग होने पर खर्चा अधिक हो सकता है। इसके कम्पोनन्ट आसानी से बाजारों में उपलब्ध होते हैं।अनेक विशेषताओं, कॉम्पैक्ट डिज़ाइन आदि के कारण इंवर्टर की कीमत अधिक होती है। इसका प्रयोग करने से अनेक प्रकार के लाभ एवं फीचर्स उपयोकर्ता को प्राप्त होते हैं।

जनरेटर के फायदे हैं

जनरेटर से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:-

  • सामान्यतः पारंपरिक रूप से प्रयोग किए जाने वाले जनरेटर बड़े होते हैं। इनकी ईंधन क्षमता भी अधिक होती है, जिस कारण ईंधन खत्म हुए बिना लंबे समय तक जनरेटर का प्रयोग कर बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।
  • यदि किसी अधिक लोड से संचालित होने वाले किसी उपकरण का प्रयोग करना हो तो ऐसे में जनरेटर का प्रयोग किया जा सकता है, जनरेटर 500 वाट से 50 किलोवाट तक बिजली का उत्पादन करने में सक्षम होते हैं। ऐसे में इससे निर्मित बिजली से सभी उपकरणों को लंबे समय तक चलाया जा सकता है।

जनरेटर के नुकसान

जनरेटर से होने वाले लाभ की जानकारी प्राप्त करने के बाद अब आप जनरेटर से होने वाले नुकसान की जानकारी देखें, जो इस प्रकार हैं:-

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  • जनरेटर का प्रयोग कर बिजली उत्पादन करने में बहुत अधिक शोर उत्पन्न होता है।
  • ये जीवाश्म ईंधन के द्वारा चलाए जाते हैं, जिसका प्रयोग करने से पर्यावरण को भारी मात्रा में प्रदूषित करते हैं।
  • जीवाश्म ईंधन में डीजल का प्रयोग होने से हमेशा ही इसमें कुछ न कुछ लागत लगती है।
  • जनरेटर के माध्यम से बिजली उत्पादन करने पर इसके आंतिरिक भागों में टूट-फूट होती है, जिस कारण इसमें अधिक रखरखाव का खर्चा बढ़ जाता है।
  • जनरेटर में हर बार जीवाश्म ईंधन का प्रयोग करना होता है। इसमें किसी भी प्रकार से बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता है।
  • जनरेटर का प्रयोग खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसमें प्रयोग होने वाले ईंधन ज्वलनशील होते हैं, जिस कारण इसमें आग लगने का खतरा बना होता है।
  • यदि कम लोड के किसी उपकरण को जनरेटर के माध्यम से संचालित करना हो तो भी यह समान ईंधन का ही प्रयोग कर के ऑन होता है।
  • जनरेटर को सोलर पैनल के माध्यम से संचालित नहीं किया जा सकता है।

इंवर्टर के फायदे हैं

यदि आप इंवर्टर का प्रयोग करना चाहते हैं तो इंवर्टर के प्रयोग से निम्नलिखित लाभ आपको प्राप्त हो सकते हैं:-

  • इंवर्टर का प्रयोग कर के सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है, इंवर्टर के प्रयोग से संचालित किए जाने वाले लगभग सभी उपकरण सुरक्षित रह सकते हैं। इंवर्टर Pure Sine Wave जनरेट करते हैं। जिस से ग्रिड से कनेक्ट होने पर ही उसके समान ही बिजली का प्रदान करते हैं।
  • इंवर्टर में बैटरी जोड़ कर इसके द्वारा बैकअप प्राप्त किया जा सकता है। इसमें किसी प्रकार की कोई परेशानी उत्पन्न नहीं होती है।
  • इंवर्टर का प्रयोग करने पर बहुत कम मात्रा में शोर होता है, इसका प्रयोग कर के पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है, क्योंकि इनके प्रयोग से किसी प्रकार का कोई प्रदूषण नहीं होता है, एवं ये पर्यावरण के अनुकूल कार्य करते हैं।
  • इंवर्टर में बैटरी बैकअप लोड के व्युत्क्रमानुपाती होता है, जिस से आप यह समझ सकते हैं, कि यदि इस पर कम लोड के उपकरण को चलाया जाए तो यह लंबे समय तक प्रयोग किया जा सकता है।
  • आज के समय में एडवांस तकनीक के इंवर्टर बाजारों में उपलब्ध हैं। सोलर पैनल से द्वारा प्राप्त होने वाली बिजली पर भी इंवर्टर कार्य करते हैं। बैटरी में जमा की गई बिजली के धारा रूप को बदलने के लिए भी इंवर्टर का प्रयोग किया जाता है।

इंवर्टर या जनरेटर घरेलू उपयोग के लिए किसका प्रयोग करें?

इंवर्टर और जनरेटर की जानकारी प्राप्त करने के बाद आप आसानी से अपने लिए आवश्यक उपकरण का प्रयोग कर सकते हैं। जैसा कि हमने आपको बताया की जनरेटर बिजली का उत्पादन करते हैं, इस प्रक्रिया में उनसे शोर भी उत्पन्न होता है। जनरेटर का प्रयोग कर बड़े से बड़े उपकरण को भी चलाया जा सकता है। इन्हें चलाने के लिए इनमें ईंधन का प्रयोग होता है। जब तक ईधन इसमें रहेगा यह कार्य करता रहेगा। इन पर लगे टायर के कारण ये पोर्टेबल होते हैं।

इंवर्टर संचालित करने में आसान होते हैं। ये कॉम्पैक्ट डिज़ाइन किए जाते हैं। इनके द्वारा डायरेक्ट करंट को ऑल्टरनेटिव करंट में बदलने का कार्य किया जाता है। ये बिना किसी शोर के कार्य करते हैं, इन्हें घरों के प्रयोग के लिए उपयुक्त कहा जाता है। इन पर बैटरी का प्रयोग कर के बैकअप प्राप्त किया जा सकता है। ये औटोमेटिक होते हैं। अर्थात ग्रिड के ऑन या ऑफ होने पर ये स्वतः ही कार्य कर सकते हैं। उपभोक्ता अपनी बिजली की आवश्यकताओं के अनुसार दोनों में से किसी का भी चयन कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस लेख के माध्यम से आप जनरेटर और इंवर्टर के मध्य अंतर, उनके लाभ एवं नुकसान की जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं। आज के समय में इंवर्टर का प्रयोग अधिकांश घरों में देखा जा सकता है। क्योंकि इंवर्टर अनेक विशिष्टताओं के साथ उपलब्ध होते हैं। उपकरणों का प्रयोग उपभोक्ता के स्थान पर भी निर्भर करता है, यदि वे दूरस्थ क्षेत्र में जहां इलेक्ट्रिक ग्रिड की बिजली कम रहती है ऐसे स्थान में रहते हैं तो सोलर सिस्टम को स्थापित कर इंवर्टर का प्रयोग कर सकते हैं, एवं अपनी बिजली की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकते हैं।

  1. इन्वर्टर स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं या आवश्यकतानुसार मुख्य पावर ग्रिड से जुड़े हो सकते हैं। ↩︎

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