सोलर पैनल लगाकर सरकार को कैसे बिजली बेच सकते हैं आप? साल में इतनी होगी कमाई

सोलर पैनल से बनने वाली बिजली को उपभोक्ता द्वारा अपने डिस्कॉम को बेचा जा सकता है। इस से वह आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकता है।

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सोलर पैनल सूर्य से प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने का कार्य करते हैं। सूर्य ऊर्जा का एक सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है, यह प्रचुर मात्रा में ऊर्जा प्रदान करता है। सोलर पैनल के माध्यम से पर्यावरण को बिना प्रदूषित किए बिजली का उत्पादन किया जाता है। साथ ही सोलर पैनल के द्वारा बनने वाली बिजली का प्रयोग कर के घर के बिजली के बिल को कम किया जा सकता है। इस लेख के माध्यम से आप सोलर पैनल लगाकर सरकार को कैसे बिजली बेच सकते हैं? की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे में बिजली का बिल भी कम होता है,और आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है।

सोलर पैनल लगाकर सरकार को कैसे बिजली बेच सकते हैं आप? साल में इतनी होगी कमाई
सोलर पैनल लगाकर सरकार को कैसे बिजली बेच सकते हैं?

केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सोलर पैनल के महत्व को समझते हुए नागरिकों को सोलर पैनल लगाने के लिए अनेक योजनाओं को माध्यम से प्रेरित किया जा रहा है। सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के अनुसार देश के 1 करोड़ परिवारों के घर की छत में रुफटॉप सोलर लगाया जाएगा। जिसके लिए सरकार द्वारा नागरिकों को सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। केंद्र की इस योजना का लाभ प्राप्त कर के उपभोक्ता कम कीमत में अपनी आवश्यकता का सोलर सिस्टम स्थापित कर सकते हैं। यदि आप एक एडवांस सोलर सिस्टम स्थापित करना चाहते हैं तो बाइफेशियल या मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल लगा सकते हैं।

सोलर पैनल लगाकर सरकार को कैसे बिजली बेच सकते हैं?

गर्मियों में बिजली का प्रयोग बढ़ने के साथ ही बिजली का बिल भी बढ़ता है, ऐसे में सोलर सिस्टम को लगा कर बिजली के बिल से राहत प्राप्त की जा सकती है। सरकार द्वारा 1 किलोवाट से 10 किलोवाट तक की क्षमता के ऑनग्रिड सोलर सिस्टम को लगाने पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। ऑनग्रिड सोलर सिस्टम में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली को इलेक्ट्रिक ग्रिड के साथ शेयर किया जाता है। इस सोलर सिस्टम को लगा कर घर में प्रयोग होने वाली सभी उपकरणों को चलाया जा सकता है, क्योंकि ऐसे सोलर सिस्टम में ग्रिड की बिजली का ही प्रयोग उपभोक्ता करता है।

ऑनग्रिड सोलर सिस्टम में सोलर पैनल, सोलर इंवर्टर एवं नेट-मीटर मुख्य उपकरण होते हैं। ऐसे सिस्टम में ग्रिड एवं सोलर पैनल द्वारा शेयर होने वाली बिजली की गणना करने के लिए नेट-मीटर लगाया जाता है। यदि आपके सोलर सिस्टम द्वारा अधिक बिजली भेजी जाती है, एवं आप कम बिजली का प्रयोग करते हैं। तो आपके द्वारा भेजी गई बिजली को आप अपने डिस्कॉम को बेच सकते हैं। जिस से आपको कुछ आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। यदि आप बिजली को बेचते नहीं हैं तो वह बिजली की यूनिट आपके अगले महीने के बिल में से कम कर दी जाती है, जिससे आपका बिजली बिल फ्री हो जाता है।

सरकार की योजना जानें

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना की शुरुआत की है। इस योजना के माध्यम से 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। साथ ही ऐसे परिवारों को सरकार द्वारा 300 यूनिट फ्री बिजली भी प्रदान की जाएगी। सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी को प्राप्त कर कम कीमत में सोलर सिस्टम लगाया जा सकता है। इस योजना का लाभ देश के गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को प्रदान किया जाएगा। जिस से वे भी सोलर पैनल का लाभ प्राप्त कर बिजली के बिल को कम कर सकते हैं, और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं।

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केंद्र की इस योजना के द्वारा 1 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर सरकार द्वारा 30,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। 2 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 60,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी, एवं 3 किलोवाट से 10 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 78,000 रुपये की सब्सिडी नागरिक को प्रदान की जाएगी। योजना के द्वारा सोलर सिस्टम लगाने के लिए आपको पंजीकृत सोलर विक्रेता से सोलर उपकरणों को खरीदना एवं स्थापित करना होता है। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल लगाए जाते हैं। जिनका सबसे अधिक प्रयोग होता है।

डिस्कॉम को बिजली बेच कर कितने रुपये कमा सकते हैं?

यदि आप अपनी आवश्यकता के अनुसार उचित क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित करते हैं। एवं ऐसे सिस्टम से निर्मित होने वाली बिजली का प्रयोग करने के बाद भी कुछ अतिरिक्त बिजली बचती है। तो उसे आप अपने डिस्कॉम को बेच सकते हैं। डिस्कॉम द्वारा आपकी बिजली को सरकार द्वारा निर्धारित कीमत में खरीदा जाता है। उदाहरण के लिए यदि आपके सोलर सिस्टम द्वारा प्रतिमाह 300 यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाता है, एवं आप उसमें से 200 यूनिट बिजली का ही प्रयोग कर रहे हैं, तो ऐसे में आप 100 यूनिट बिजली को बेच सकते हैं। हर राज्य में इस बिजली की कीमत अलग-अलग होती है।

ऐसे सोलर सिस्टम का लाभ वे नागरिक प्राप्त कर सकते हैं जिनके घर में सोलर सिस्टम लगा हुआ है एवं वे अधिकांश समय घर से बाहर रहते हैं। ऑनग्रिड सोलर सिस्टम को ऐसे स्थान के लिए उपयुक्त कहा जाता हैं जहां बिजली की कटौती बहुत कम मात्रा में होती है। उपभोक्ता अपने सोलर सिस्टम के माध्यम से डिस्कॉम को बिजली बेच कर हर साल 15 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक का आर्थिक लाभ प्राप्त सकते हैं। एक बार सोलर सिस्टम को अच्छे से स्थापित करने एवं उसके उचित रखरखाव से लंबे समय तक फ्री बिजली का लाभ नागरिक कर सकते हैं।

निष्कर्ष

सोलर पैनल विज्ञान का एक चमत्कारिक आविष्कार है, सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा का प्रयोग प्रचुर मात्रा में सोलर पैनल द्वारा अपनी दक्षता एवं क्षमता के अनुसार किया जा सकता है। सोलर पैनल पर किए गए निवेश को बुद्धिमानी का निवेश कहा जाता है, इस पर किए गए निवेश को 4-5 साल में प्राप्त होने वाली बिजली के माध्यम से किया जा सकता है। उसके बाद आने वाले 25 साल में भी इनके द्वारा 80% क्षमता के साथ बिजली का उत्पादन किया जाता है। अधिक से अधिक सोलर पैनल का प्रयोग कर के जीवाश्म ईंधन की निर्भरता को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। एवं हरित भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।

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