सोलर पैनल के प्रकार: 4 Different Types of Solar Panels- Cost, Efficiency & Power

PV फोटोवोल्विक सेलों के आधार पर ही मुख्यतः सोलर पैनल बनाये जाते हैं, सोलर पैनल के प्रकार चार प्रकार के होते हैं:

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सूर्य प्राकृतिक ऊर्जा का एकमात्र अनंत भंडार है। सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा जो फोटॉन के रूप में धरती में आती है। उसका प्रयोग कर विद्युत ऊर्जा प्राप्त करने के लिए हमें सोलर पैनलों की आवश्यकता होती है। सोलर पैनलों द्वारा ही सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इस परिवर्तन की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का कोई प्रदूषण उत्पन्न नहीं होता है। यह पर्यावरण के अनुकूल विद्युत बनाने की प्रक्रिया है।

सौर पैनल के प्रकार (Types of Solar Panel) को जाने बिना ही अधिकांश उपभोक्ता अपने सोलर प्लांटों में उचित सोलर पैनल स्थापित नहीं करते हैं जिस कारण उन्हें प्लांट और पैसे दोनों का ही नुकसान होता है। सोलर पैनलों के सभी प्रकार, उनकी दक्षता एवं कीमत की जानकारी इस आर्टिकल से आप प्राप्त कर सकते हैं। जिस से आप अपने सोलर प्लांट को स्थापित करने के लिए सही सोलर पैनलों का प्रयोग कर पायेंगे।

सोलर पैनल के प्रकार
सोलर पैनल के प्रकार

यदि आप अपने घर पर सोलर पैनल लगाने की सोच रहे हैं तो आप को उस से पहले घर में बिजली के लोड की जानकारी होनी चाहिए जिसके अनुसार आप सोलर पैनल स्थापित कर सकते हैं। बिजली का लोड जानने के लिए यहां क्लिक कर लेख पढ़ें।

सोलर पैनल

सोलर पैनलों के प्रकार जानने से पहले सोलर पैनल की सूक्ष्म जानकारी जानते हैं। सोलर पैनल, सोलर सेलों की विशेष संरचना द्वारा बनाये जाते हैं ये एक परिवर्तक (Converter) होते हैं, जो सूर्य से आने वाली ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। सोलर सेलों को फोटोवोल्विक सेल भी कहते हैं। सोलर पैनल में सोलर सेल ही ऊर्जा को परिवर्तित करते हैं ये सामान्यतः p और n टाइप के अर्धचालक सिलिकॉन द्वारा निर्मित किये जाते हैं।

सोलर पैनल के प्रकार

PV फोटोवोल्विक सेलों के आधार पर ही मुख्यतः सोलर पैनल बनाये जाते हैं, सोलर पैनल के प्रकार चार प्रकार के होते हैं:

  • मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Monocrystalline Solar Panel)
  • पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Polycrystalline Solar Panel)
  • PERC सोलर पैनल (PERC Solar Panel)
  • बायफेशियल सोलर पैनल (Bifacial Solar Panel)

1. मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल

मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल जिसे सिंगल क्रिस्टल सोलर पैनल भी कहा जाता है। इनका निर्माण शुद्ध सिलिकॉन के द्वारा किया जाता है। जिस कारण इनका रंग काला अथवा गहरा नीला हो जाता है। इनके सोलर सेल बनाने के लिए इन्हें वेफर्स में काटा जाता है। इस प्रकार के पैनलों में सोलर सेल गोल साइज के होते हैं एवं उनके किनारे कटे हुए होते हैं।

Monocrystalline Solar Panel

मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनलों के चौकोर आकार के सेलों को आधा काट कर हाफ कट सोलर पैनल बनाये जाते हैं। जिसमें सेल दोगुने हो जाते हैं। शुद्ध सिलिकॉन द्वारा बनाये गए मोनोक्रिस्टलाइन पैनल की विद्युत उत्पादन क्षमता उच्च होती है। वर्तमान में बने इनके नए जनरेशन के पैनल अच्छा प्रदर्शन देने के कारण प्रचलन में हैं।

मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की विशेषताएं

  • शुद्ध सिलिकॉन द्वारा बने होते के कारण इनकी दक्षता उच्च होती हैं इस प्रकार के सोलर पैनलों की औसतन दक्षता 22% होती है। यह बिजली का उत्पादन तेजी से करते हैं।
  • मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल बादल वाले मौसम में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। अर्थात ये कम धूप में भी बिजली का उत्पादन करते हैं।
  • इस प्रकार के सोलर पैनल उच्च ताप पर उच्च दक्षता के साथ ही बिजली का उत्पादन करते हैं।
  • इनकी कीमत पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की तुलना में अधिक होती है। क्योंकि सिंगल सिलिकॉन क्रिस्टल सोलर सेलों के निर्माण की प्रक्रिया (Czochralski विधि) जटिल है।

2. पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल

पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल को मल्टीलेयर सोलर पैनल भी कहते हैं क्योंकि ये बहुत सारे सिलिकॉन क्रिस्टल से बने होते हैं। ये चतुष्कोणीय होते हैं। सामान्यतः पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल का रंग नीला होता है। इस प्रकार के सोलर पैनल सबसे पुरानी तकनीक में बनाये जाते हैं।
Solar Panel Efficiency Polycrystalline

पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल के निर्माण की प्रक्रिया मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की निर्माण प्रक्रिया से आसान है। सेलों में अधिक क्रिस्टल होने के कारण इसमें इलेक्ट्रॉनों को स्थानांतरित करने के लिए कम स्वतंत्रता एवं हम स्थान होता है। सोलर पैनल के प्रकार में ये सर्वाधिक प्रयोग होते हैं।

पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की विशेषताएं

  • पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने की दक्षता कम होती है। इनकी औसतन दक्षता 16-17% होती है।
  • इस प्रकार के सोलर पैनल कम धूप में या बादल लगे हुए मौसम में कार्य नहीं करते हैं। यह सिर्फ अच्छी धूप होने पर ही कार्य करते हैं।
  • अत्यधिक गर्मी वाले मौसम में पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल के खराब होने का खतरा बना रहता है। इनकी द्वारा बनाई जाने वाली ऊर्जा पैनलों के गर्म हो जाने के कारण नष्ट हो जाती है।
  • पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल के निर्माण की प्रक्रिया आसान होने के कारण इनकी कीमत मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनलों से कम होती है। इसलिए इनका सर्वाधिक प्रयोग भी किया जाता है।

3. PERC सोलर पैनल

Passivated Emitter and Rear Cell जिसे PERC सेल या रियर सेल भी कहते हैं। इन सेलों के द्वारा बनाये गए सोलर पैनल को PERC सोलर पैनल कहते हैं। इस प्रकार के सोलर पैनलों में सेलों के पीछे एक अतिरिक्त डाइलेक्ट्रिक पेसिविलेशन परत होती है। जिस से फोटॉन्स को वापस PERC सेल में परावर्तित हो जाते हैं एवं उन्हें विद्युत ऊर्जा में बदल दिया जाता है। PERC सोलर पैनल

PERC सोलर सेलों को हाफ कट के रूप में मोनो एवं पॉली सोलर पैनलों में भी बनाया जाता है। यह अन्य सोलर पैनलों से अधिक ऊर्जा परिवर्तित करता है।

PERC सोलर पैनल की विशेषताएं

  • PERC सोलर पैनल में डाइलेक्ट्रिक पेसिविलेशन परत होने के कारण सूर्य से आने वाली ऊर्जा परावर्तित (Reflect) हो कर वापस PERC सेल में पहुँचती है जिस से उन्हें परिवर्तित कर दिया जाता है। इसलिए इस सोलर पैनल की दक्षता उच्चतम होती है।
  • पॉलीक्रिस्टलाइन एवं मोनोक्रिस्टलाइन PERC के आधार पर इनकी दक्षता होती है। इनके हाफ कट में दोगुने सेल होते हैं।
  • उच्च दक्षता होने से ये अधिक बिजली का उत्पादन करते हैं जिस कारण इनकी कीमत पॉलीक्रिस्टलाइन एवं मोनोक्रिस्टलाइन दोनों से ही अधिक होती है।

4. बायफेशियल सोलर पैनल

बायफेशियल सोलर पैनल सबसे आधुनिक तकनीक से बनाये जाने वाले सोलर पैनल होते हैं। ये दोनों ओर से सूर्य की ऊर्जा को अवशोषित कर उसे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। यह अन्य सौर पैनलों की तुलना में उनसे 10% से 30% अधिक बिजली का उत्पादन करते हैं। इन्हें काम जगह में भी स्थापित किया जा सकता है।
Bifacial Solar Panel Efficiency

बायफेशियल सोलर पैनल मुख्यतः पॉलीक्रिस्टलाइन एवं मोनोक्रिस्टलाइन सेलों द्वारा ही बने होते हैं। पीछे की और से प्राप्त होने Albedo light पर यह निर्भर करता है कि बायफेशियल सोलर पैनल किस हिसाब से बिजली का उत्पादन कर सकता है। यह सोलर पैनल के प्रकार में सर्वश्रेष्ठ होता है।

यह भी देखें:सोलर पैनल का उपयोग कैसे करें: how to use solar panels

सोलर पैनल का उपयोग कैसे करें

बायफेशियल सोलर पैनल की विशेषताएं

  • बायफेशियल सोलर पैनल द्वारा बिजली उत्पादन की दक्षता अधिक होती है इसकी औसतम दक्षता 27% से 30% होती है।
  • इनका इंस्टॉलेशन कम जगह में भी किया जा सकता है। एवं अधिक मात्रा में बिजली प्राप्त होती है। साथ ही ये बादल, बर्फ वाले मौसम में भी बिजली का उत्पादन करते हैं।
  • बायफेशियल सोलर पैनल अन्य सोलर पैनलों की तुलना में महंगे होते हैं इसलिए ये बाजार में कम ही उपलब्ध रहते हैं।

सोलर पैनल के प्रकार की तुलना

किसी भी सोलर पैनल के प्रकार की कीमत प्रतिवाट के अनुसार होती है, कम वाट के सोलर पैनल अधिक मूल्य के एवं अधिक वाट के सोलर पैनल कम मूल्य के होते हैं। सोलर पैनलों के प्रकार जानने के बाद सोलर पैनलों के मध्य कीमत (SOLAR PANELS PRICE), दक्षता (EFFICIENCY OF SOLAR PANELS) आदि की तुलना करते हैं:

विवरण मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल PERC सोलर पैनल बायफेशियल सोलर पैनल
दक्षताउच्च (22%)कम (17%)उच्चतम (25%)उच्चतम (30%)
लागत
(रूपये में प्रति वाट)
उच्च
(25 से 35)
मध्यम
(20 से 30)
उच्च
(30 से 40)
उच्चतम
(40 से 50)
बनावटअष्टकोणीय (काला एवं गहरा नीला)चतुष्कोणीय (नीला)वृत्ताकार किनारे (कला)दोनों ओर पैनल
मौसमख़राब मौसम में भी कार्य करते हैं।खराब मौसम में कार्य नहीं करते हैं।खराब मौसम में कार्य करते हैं।हर मौसम में कार्य करते हैं।

सोलर पैनल के प्रकार से सम्बंधित प्रश्न एवं उत्तर

सोलर पैनल के प्रकार कितने एवं कौन-कौन होते हैं?

सोलर पैनल के प्रकार मुख्य रूप से चार होते हैं: मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Monocrystalline Solar Panel), पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Polycrystalline Solar Panel), PERC सोलर पैनल (PERC Solar Panel), बायफेशियल सोलर पैनल (Bifacial Solar Panel)

सबसे कम कीमत में किस सोलर पैनल को प्राप्त किया जा सकता है?

सबसे कम कीमत में पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल को प्राप्त किया जा सकता है इनकी कीमत 20 से 30 रूपये प्रति वाट होती है।

सर्वाधिक दक्षता किस सोलर पैनल की होती है?

सर्वाधिक दक्षता बायफेशियल सोलर पैनल की होती है। इसकी दक्षता 30% हो सकती है।

घर के लिए सबसे कुशल सोलर पैनल कौन से होते हैं?

घर के लिए सबसे कुशल सोलर पैनल बेफिशियल सोलर पैनल होते हैं किन्तु अधिक कीमत का होने के कारण उपभोक्ता इन्हें खरीदता नहीं है ये कम स्थान पर ही अधिक क्षमता के लग जाते हैं। एवं अधिक विद्युत का उत्पादन करते हैं। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार सभी सोलर पैनलों का प्रयोग घर में किया जा सकता है।

सोलर पैनल किस से बने होते हैं एवं वे क्या कार्य करते हैं?

सोलर पैनल मुख्यतः सिलिकॉन अर्धचालक के सोलर सेलों से बने होते हैं एवं वे सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं।

निष्कर्ष

सोलर पैनल के प्रकार से जुडी जानकारी जानने पर ही उपभोक्ता सही सोलर पैनल का चयन अपने उपयोग के अनुसार कर सकते हैं। इसके अलावा भी पतली फिल्म वाले सोलर पैनल होते हैं जो बहुत कम कीमत में प्राप्त हो जाते हैं लेकिन वे बहुत कमजोर होते हैं। उनका प्रयोग भी वर्तमान में बहुत हो रहा है। सोलर पैनल की दक्षता के अनुसार आप सोलर पैनल का चयन कर सकते हैं।

यह भी देखें:Microtek 1 Kw सोलर सिस्टम लगवाने का खर्चा

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