घर में Solar Panel लगाना है कितना खर्च आएगा? किन कारण से कीमत कम-ज्यादा होती है, जानें

सोलर पैनल को लगाने से पहले कुछ मूल जानकारी का होना आवश्यक है, जिस से उसकी कीमत को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में जान सकते हैं।

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सोलर पैनल के द्वारा सूर्य से प्राप्त होने वाली सौर ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा का निर्माण किया जा सकता है। सोलर पैनल पर्यावरण के अनुकूल ही बिजली का उत्पादन करते हैं। जिसका अर्थ यह होता है कि सोलर पैनल बिना किसी प्रदूषण को उत्पन्न कर बिजली का उत्पादन करते हैं। साथ ही सोलर पैनल के प्रयोग से इलेक्ट्रिक ग्रिड बिजली के बिल में भी उपभोक्ता भारी छूट प्राप्त कर सकते हैं। एवं लंबे समय तक सोलर पैनल से प्राप्त होने वाली बिजली का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Solar Panel से पूरे घर को बिजली देने में आएगा कितना खर्च? देखें प्रभावित करने वाले कारक
Solar Panel से पूरे घर को बिजली देने में आएगा कितना खर्च?

सोलर सिस्टम को स्थापित करने के लिए सोलर पैनल के साथ सोलर इंवर्टर एवं सोलर बैटरी का प्रयोग भी किया जाता है। सोलर इंवर्टर के द्वारा DC को AC में बदला जाता है, जबकि सोलर बैटरी का प्रयोग पावर बैकअप करने के लिए सोलर पैनल से प्राप्त होने वाली बिजली को संग्रहीत करने के लिए किया जाता है। सोलर सिस्टम को स्थापित करने के बाद आप घर के सभी विद्युत उपकरणों को इसकी सहायता से संचालित कर सकते हैं।

Solar Panel से पूरे घर को बिजली देने में आएगा कितना खर्च?

सोलर पैनल का निर्माण करने वाले अनेक ब्रांड आज के समय में बाजारों में उपलब्ध हैं। सोलर पैनल को लगाने में होने वाले खर्चें निम्न कारकों पर निर्भर करते हैं:-

सोलर पैनल की क्षमता

आप अपने सोलर सिस्टम के लिए जिस क्षमता के सोलर पैनल का प्रयोग करना चाहते हैं, उसका चयन कर सकते हैं। सोलर पैनल की कीमत सामान्यतः प्रतिवाट क्षमता के आधार पर होती है। आप जितनी अधिक क्षमता के सोलर पैनल को खरीदेंगे उसकी कीमत आपको प्रतिवाट के अनुसार कम की जाएगी।

सोलर पैनल का प्रकार

सोलर पैनल के प्रकार के आधार पर भी कीमत निर्भर करती है। सोलर पैनल में पॉलीक्रिस्टलाइन, मोनोक्रिस्टलाइन एवं बाइफेशियल प्रकार के सोलर पैनल होते हैं, जिनमें पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की कीमत कम होती है, जिस कारण इनका सर्वाधिक प्रयोग भी किया जाता है। मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की कीमत पॉली सोलर पैनल से अधिक होती है। सबसे आधुनिक तकनीक के बाइफेशियल सोलर पैनल की कीमत अधिक होती है, क्योंकि ये दोनों ओर से बिजली का उत्पादन करने में सक्षम होते हैं।

सोलर पैनल की स्थापना

सोलर पैनल की स्थापना एक्सपर्ट कर्मचारियों के माध्यम से की जाती है। यदि आप घर की छत पर या किसी स्थान में सोलर पैनल की स्थापना करते हैं, तो ऐसे में आपको लंबे समय तक सूर्य के प्रकाश वाले स्थान पर स्थापना करनी चाहिए।

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बिजली की खपत और बचत

सोलर पैनल को स्थापित करने से पूर्व आपको उस स्थान में बिजली के लोड की जानकारी होनी चाहिए, जहां आप सोलर सिस्टम को स्थापित करना चाहते हैं। आप लोड क्षमता के अनुसार ही सोलर पैनल को स्थापित करना चाहिए। जिस से आपका न ही अतिरिक्त खर्चा हो और न आपका सोलर सिस्टम छोटा पड़े।

इंवर्टर एवं बैटरी स्टोरेज

सोलर सिस्टम में इंवर्टर का कार्य दिष्ट धारा को प्रत्यावर्ती धारा में बदलना है, क्योंकि अधिकांश विद्युत उपकरण AC के द्वारा ही संचालित होते हैं। सोल इंवर्टर PWM एवं MPPT तकनीकों के साथ बाजार में उपलब्ध रहते हैं। सोलर पैनल से प्राप्त होने वाली बिजली को जमा करने के लिए सोलर बैटरी का प्रयोग किया जाता है, जो C10 एवं C20 रेटिंग के साथ बाजार में उपलब्ध रहती है।

एक फ्लोर में बिजली प्रदान करने का अनुमानित खर्चा

यदि आप 5 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम को स्थापित करते हैं, तो इस सिस्टम में प्रयोग होने वाले सभी उपकरणों की कीमत एवं अन्य सभी खर्चों को मिलकर कुल खर्च लगभग 4 लाख से 6 लाख रुपये तक हो सकता हो। यह आपके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले सोलर पैनल के प्रकार पर भी निर्भर करता है। साथ ही सोलर बैटरी की क्षमता के अनुसार यह कीमत कम या ज्यादा हो सकती है।

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इस प्रकार आप सोलर सिस्टम को लगाने से पूर्व सोलर सिस्टम को प्रभावित करने वाले कारकों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिस से आपको सोलर सिस्टम कोस स्थापित करने में आसानी होती है।

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