UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर लगाएं अपने सोलर सिस्टम में, जानें पूरी जानकारी

यूटीएल सोलर के सोलर उपकरणों का प्रयोग कर के एक कुशल सोलर सिस्टम स्थापित किया जा सकता है, ऑनग्रिड सोलर सिस्टम से बिजली के बिल को कम कर सकते हैं।

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आज के समय में सोलर सिस्टम की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, सोलर सिस्टम के प्रयोग से ग्रिड बिजली के बिल को कम किया जा सकता है, इसके साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में भी सोलर सिस्टम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सोलर सिस्टम को लगाने के लिए सरकार द्वारा भी नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है, सोलर सिस्टम की स्थापना से बिजली बिल में बचत होने से आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सोलर सिस्टम में बिजली के रूपांतरण के लिए सोलर इंवर्टर का प्रयोग होता है, UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर की जानकारी यहाँ जानें।

UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर लगाएं अपने सोलर सिस्टम में, जानें पूरी जानकारी
UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर

ऑनग्रिड सोलर सिस्टम क्या है?

सोलर सिस्टम को मुख्यतः तीन प्रकार से स्थापित किया जाता है, इनके अनुसार ही सोलर सिस्टम में उपकरणों का प्रयोग होता है। सोलर सिस्टम ऑनग्रिड, ऑफग्रिड एवं हाइब्रिड प्रकार से स्थापित किए जाते हैं, इनमें ऑफग्रिड एवं हाइब्रिड प्रकार के सोलर सिस्टम में सोलर बैटरियों का प्रयोग किया जाता है, जिनमें सोलर पैनल से बनने वाली बिजली को स्टोर किया जाता है, जिस बिजली का प्रयोग उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकते हैं। ऑफग्रिड सोलर सिस्टम को ऐसे स्थानों के लिए उपयुक्त कहा जाता है, जहां ग्रिड की बिजली उपलब्ध नहीं है, या बिजली की अधिक कटौती होती है।

ऑनग्रिड सोलर सिस्टम को ऐसे स्थानों के लिए उपयुक्त कहा जाता है जहां बिजली की कटौती बहुत कम होती है, ऑनग्रिड सोलर सिस्टम में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली को इलेक्ट्रिक ग्रिड के साथ शेयर किया जाता है, ऐसे सोलर सिस्टम में सभी प्रकार के विद्युत उपकरणों को चला सकते हैं, क्योंकि इस सिस्टम में ग्रिड की बिजली का प्रयोग ही उपयोगकर्ता द्वारा किया जाता है। इस सिस्टम में शेयर होने वाली बिजली की गणना करने के लिए नेट-मीटर को स्थापित किया जाता है। ऐसे सिस्टम के द्वारा बिजली के बिल को कम कर सकते हैं।

UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर

UTL Solar भारत की टॉप सोलर विनिर्माता कंपनियों में से एक है, इनके द्वारा बनाए जाने वाले ऑनग्रिड सोलर इंवर्टर को ग्रिड टाई इंवर्टर भी कहा जाता है। सोलर इंवर्टर के माध्यम से सोलर पैनल से बनने वाली बिजली के DC रूप को AC में परिवर्तित किया जाता है, AC के माध्यम से ही सभी प्रकार के उपकरणों को चलाया जा सकता है। ऑनग्रिड सोलर सिस्टम में ऑनग्रिड इंवर्टर का प्रयोग किया जाता है। ग्रिड टाई इंवर्टर को ग्रिड के अनुसार ही स्थापित किया जाता है, इसमें किसी भी समय ग्रिड वोल्टेज की तुलना में आउटपुट वोल्टेज को थोड़ा अधिक बनाए रखना चाहिए।

ऑनग्रिड सोलर इंवर्टर तभी कार्य करता है जब पावर ग्रिड से लगातार ही बिजली की आपूर्ति हो, यदि ग्रिड की बिजली चली जाए तो ऐसे में यह इंवर्टर ऑटोमेटिक ही बंद हो जाता है, ऑनग्रिड सोलर सिस्टम में ग्रिड बिजली की भूमिका मुख्य रहती है। UTL ऑनग्रिड सोलर इंवर्टर में नेट मीटर को जोड़ा जाता है, इसके द्वारा सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को ग्रिड के साथ शेयर किया जाता है। सोलर सिस्टम के स्थापक द्वारा अतिरिक्त बिजली को यूटिलिटी कंपनी को बेचा जा सकता है, जिससे बिजली के बिल में भी कमी की जा सकती है। सरकार द्वारा ऑनग्रिड सोलर सिस्टम को लगाने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है।

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UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर की विशेषताएं

UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर की विशेषताएं निम्न लिखित है:-

  • UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर एक एडवांस तकनीक का सोलर इंवर्टर है, जिसका प्रयोग एक कुशल सोलर सिस्टम को स्थापित किया जा सकता है। ऐसे इंवर्टर वाले सोलर सिस्टम को बिना किसी व्यापक वायरिंग एवं बिना बैटरी के स्थापित किया जाता है, जिससे यह सिस्टम कम कीमत में स्थापित किया जा सकता है।
  • UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर को कम स्टार्टअप वोल्टेज की आवश्यकता होती है, इस इंवर्टर का 30% तक लोड सोलर पैनल पर रहता है। यह बेहतर कार्य प्रदर्शन करने वाला सोलर इंवर्टर एक ट्रांसफार्मर रहित इंवर्टर है।
  • यह सोलर इंवर्टर MPPT तकनीक के सोलर चार्ज कंट्रोलर के साथ में उपलब्ध रहता है, ऐसे आधुनिक सोलर चार्ज कंट्रोलर वाले इंवर्टर के माध्यम से उच्च कार्य प्रदर्शन किया जाता है, क्योंकि यह एक आधुनिक सोलर चार्ज कंट्रोलर होता है। इस प्रकार के इंवर्टर अन्य इंवर्टर की तुलना में 30% अधिक कार्य क्षमता के साथ रहते हैं।
  • UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर पर 4.2 किलोवाट से ऊपर का DC स्विच लगा रहता है, इसमें विस्तृत AC वोल्टेज रेंज 160 वोल्ट से 290 वोल्ट तक रहती है। यह सोलर इंवर्टर 65 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी कार्य कर सकता है।
  • इस सोलर इंवर्टर में डबल सर्ज प्रोटेक्शन प्रदान किया गया है। यह 25 DB से कम शोर करता है, इस सोलर इंवर्टर पर UTL Solar के ऐप के माध्यम से दूरस्थ निगरानी की जा सकती है। इसकी उच्च कार्य प्रदर्शन दक्षता 99% तक बताई गई है।
  • UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर के द्वारा पावर निर्यात को सीमित किया जा सकता है, इस इंवर्टर को आसानी से स्थापित किया जा सकता है, एवं इस इंवर्टर को कम मैन्टिनेंस की आवश्यकता होती है। इसका प्रयोग लंबे समय तक किया जा सकता है। सोलर ब्रांड UTL द्वारा इस इंवर्टर पर 10 वर्ष की ऑनसाइट वारंटी प्रदान की जाती है।
  • इस इंवर्टर की हार्मोनिक धारा विरूपण (THDi<3%) कम होती है, UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर को IP65 ग्रिड टाई इंवर्टर के रूप में प्रमाणित किया गया है। इस इंवर्टर में DC एवं AC साइड के लिए ऑनबोर्ड SPD उपलब्ध रहता है। यह एक आधुनिक इंवर्टर है, इसे वाईफाई के मध्य से भी कंट्रोल किया जा सकता है।
  • UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर की कार्य प्रणाली पर्यावरण के अनुकूल रहती है, ऐसे उपकरण के माध्यम से कार्बन फुटप्रिन्ट की मात्रा को पर्यावरण से कम कर सकते हैं। एवं पर्यावरण को सुरक्षित कर सकते हैं। ऐसे इंवर्टर में सुरक्षा के अनेक स्तर प्रदान किए गए हैं। ये सभी प्रकार के सभी क्षमता के सोलर पैनल के साथ जोड़े जा सकते हैं।

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UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर को ऐसे खरीदें

UTL Solar के सोलर उपकरणों को आसानी से खरीदा जा सकता है, आप अपने नजदीकी बाजार में UTL के सोलर डीलर के माध्यम से UTL 1.5 kW ऑन ग्रिड सोलर इन्वर्टर को खरीद सकते हैं। यदि आप ऑनलाइन माध्यम से इन इंवर्टर को खरीदना चाहते हैं तो आप UTL सोलर के ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल की डायरेक्ट लिंक UTL 1.5 kW UTL On Grid Solar Inverter पर क्लिक करें। ऑनलाइन माध्यम से सोलर इंवर्टर को खरीदने पर इस सोलर इंवर्टर को लगभग 18 हजार रुपये से 22 हजार रुपये तक की कीमत में खरीद सकते हैं। इस पर निर्माता ब्रांड द्वारा वारंटी भी प्रदान की गई है।

सोलर उपकरणों का प्रयोग करना समझदारी का कार्य होता है, क्योंकि ऐसे उपकरणों की सहायता से आप पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन कर सकते हैं। सोलर उपकरणों के अधिक से अधिक प्रयोग से ही हरित भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता हैं, क्योंकि सोलर उपकरण पर्यावरण में कार्बन फुटप्रिन्ट को कम करने का कार्य करते हैं। सोलर उपकरणों के प्रयोग से ही जीवाश्म ईधन की निर्भरता को कम किया जा सकता है। सोलर सिस्टम से ग्रिड बिजली के बिल की चिंता को कम कर सकते हैं। ऑनग्रिड सोलर सिस्टम को स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा नागरिकों को सोलर सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।

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