घर के लिए सबसे अच्छा सोलर पैनल कौन सा है, जानें

आज के समय में सोलर सिस्टम की तकनीक को विकसित का दिया गया है, ऐसे सोलर पैनल का निर्माण हो गया है जो कम रोशनी में भी बिजली का उत्पादन कर सकते हैं।

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सौर ऊर्जा का प्रयोग कर बिजली का उत्पादन करना आज के समय की सबसे बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है। सोलर सिस्टम में यह कार्य सोलर पैनल के द्वारा किया जाता है। सोलर पैनल पर्यावरण के अनुकूल ही बिजली का उत्पादन करते हैं। इस प्रक्रिया में सोलर पैनल के अंदर लगे फोटोवोल्टिक सेल (PV Cell) यह कार्य करते हैं। एवं किसी प्रकार के भी प्रदूषण को उत्पन्न नहीं करते हैं। एवं इनके प्रयोग से कार्बन फुटप्रिन्ट को कम किया जा सकता है। जिस से मनुष्य हरित भविष्य की कल्पना कर सकता है।

घर के इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छा सोलर पैनल कौन सा है यह जानकारी विस्तृत रूप में प्राप्त कर सकते हैं। सोलर पैनलों का प्रयोग सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है इनका प्रयोग अस्पतालों एवं बड़े-बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे आप किस प्रकार के सोलर पैनल का प्रयोग अपने घर में स्थापित करने वाले सोलर सिस्टम में लगा सकते हैं। जिस से आपको आर्थिक नुकसान भी न हो एवं आप सोलर पैनल के बारे में जैसे पैनल की दक्षता, प्रकार के बारे में जान सकते हैं।

घर के इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छा सोलर पैनल कौन सा है- Best Solar Panel for Home Use in India
घर के इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छा सोलर पैनल कौन सा है

घर के लिए सबसे अच्छा सोलर पैनल कौन सा है, जानें

जब भी सोलर पैनल से संबंधित किसी प्रकार का प्रश्न होता है तो उसमें लोड की जानकारी का होना आवश्यक हो जाता है। यदि आप घर पर सोलर सिस्टम को स्थापित करना चाहते हैं, तो उस से पहले आपको आपके घर के बिजली के लोड की जानकारी होनी चाहिए। जिस से आप उचित क्षमता का सोलर पैनल खरीद सकते हैं। यदि आपके घर का लोड प्रतिदिन 5 यूनिट तक का है तो आप ऐसे में 1 किलोवाट के सोलर पैनल को स्थापित करेंगे। सोलर पैनल की कीमत उसके प्रकार एवं निर्माता ब्रांड पर निर्भर करती है। अब सोलर पैनल अपनी-अपनी दक्षता के अनुसार अलग-अलग कीमत में उपलब्ध रहते हैं। जो निम्न प्रकार के होते हैं:

  • पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल
  • मोनो PERC सोलर पैनल
  • बाइफेशियल सोलर पैनल
  • हाफ कट सोलर पैनल

पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल

पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल का प्रयोग सबसे अधिक किया जाता है। इसका मुख्य कारण तो यह है कि इनकी कीमत अन्य सोलर पैनल से कम होती है। ऐसे स्थान जहां बिजली का लोड कम होता है वहाँ इन सोलर पैनल का प्रयोग किया जा सकता है। ये पारंपरिक सोलर पैनल हैं। इस सोलर पैनल का प्रयोग कर कम कीमत वाला सोलर सिस्टम स्थापित किया जा सकता है।

1 किलोवाट के पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की कीमत औसतन 30 हजार रुपये तक होती है। जिसमें आप 330 वाट के सोलर पैनल का प्रयोग कर सकते हैं। ऐसे पैनल वाले सोलर सिस्टम में आप PWM (Pulse Width Modulation) तकनीक के सोलर इंवर्टर का प्रयोग कर सकते हैं। इनकी दक्षता अन्य सोलर पैनल से कम होती है।

मोनो PERC सोलर पैनल

मोनो PERC (Passivated Emitter & Rear Cell) सोलर पैनल की दक्षता पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल से अधिक होती है। इनका प्रयोग ऐसे स्थानों पर भी किया जा सकता है, जहां सूर्य का प्रकाश कम रहता है। यह खराब मौसम वाले दिन में भी बिजली उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे सोलर पैनल, पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की तुलना में कम स्थान में ही स्थापित हो जाते हैं।

इस पैनल का प्रयोग कर स्थापित किए गए सोलर सिस्टम में उपभोक्ता MPPT (Maximum Power Point Tracking) तकनीक से बने सोलर इंवर्टर का प्रयोग कर सकते हैं। 1 किलोवाट के मोनो PERC सोलर पैनल की औसतन कीमत 40,000 से शुरू होती है। इसमें उपभोक्ता 390 वाट के सोलर पैनल को स्थापित कर सकते हैं। सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार पैनलों की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है।
ल्यूमिनस मोनो PERC हाफ कट सोलर पैनल

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बाइफेशियल सोलर पैनल

आधुनिक तकनीक के बाइफेशियल सोलर पैनल बाजारों में उपलब्ध हैं। इस प्रकार के सोलर पैनल की दक्षता उच्च होती है। क्योंकि ऐसे सोलर पैनल सूर्य के प्रकाश के साथ ही, धरती या किसी अन्य से परावर्तित होने वाले सूर्य के प्रकाश (Albedo Light) से भी बिजली का उत्पादन करने में सक्षम होते हैं। अपनी इसी विशेषता के कारण इनकी कीमत भी अन्य से अधिक होती है। लेकिन ये बहुत कम स्थान में ही स्थापित हो जाते हैं। इन पर MPPT सोलर इंवर्टर ही सपोर्ट करता है। ऐसे सोलर पैनल के लाभ बहुत हैं। यदि आप 1 किलोवाट के सोलर पैनल की बात करें तो इनकी औसतन कीमत 50,000 रुपये तक हो सकती है। Bifacial Solar Panel Efficiency

हाफ कट सोलर पैनल

ये सबसे आधुनिक सोलर पैनल हैं। हाफ कट सोलर पैनल, मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल एवं बाइफेशियल सोलर पैनल दोनों ही प्रकार में उपलब्ध रहता है। इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जा सकता हैं जहां बहुत सारे पेड़ों के बीच सोलर पैनल लगाए गए हों एवं छाया वाले क्षेत्र में अधिकांश सोलर पैनल बिजली का उत्पादन नहीं करते हैं। जबकि हाफ कट सोलर पैनल ऐसे में भी बिजली का उत्पादन करने में समर्थ है। इनकी कीमत अन्य सभी सोलर पैनल से अधिक होती है। 1 किलोवाट के हाफ कट सोलर पैनल की औसतन कीमत 60 हजार रुपये तक हो सकती है।

इस प्रकार चार प्रकार के मुख्य रूप से ऐसे सोलर पैनल होते हैं जिनका प्रयोग घरों में किया जा सकता है, इनमें सबसे कम दक्षता पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल की होती है। एवं सर्वाधिक दक्षता वाला सोलर पैनल हाफ कट सोलर पैनल है। उपभोक्ता अपने घर के लिए आवश्यकता के अनुसार किसी भी सोलर पैनल का प्रयोग कर कर सकते हैं।

निष्कर्ष

उपरोक्त आर्टिकल की सहायता से आप सोलर पैनलों की जानकारी देख सकते हैं। जिस से आप अपने बजट एवं सोलर पैनल के प्रकार के हिसाब से उचित सोलर पैनल का प्रयोग कर सकते हैं। यदि आपके क्षेत्र में अच्छी धूप रहती है तो आप पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल का प्रयोग भी कर सकते हैं। एवं यदि आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां कम धूप रहती है तो आप अन्य सोलर पैनलों का प्रयोग भी कर सकते हैं।

किसी भी सोलर सिस्टम में सबसे महत्वपूर्ण उपकरण सोलर पैनल ही होता है। सोलर सिस्टम में प्रारम्भिक निवेश उपभोक्ता को अधिक लगता है। लेकिन यह आने वाले कई सालों तक आपको लाभ प्रदान करता है। एवं आपको ग्रिड की बिजली पर निर्भर रहने से मुक्त कर बिल में छूट प्रदान करता है। इसलिए आपको उचित सोलर पैनल का चयन करना चाहिए।

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